रांची: राजधानी रांची में सरकारी तंत्र की उदासीनता की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम कार्यालय से महज 100 मीटर की दूरी पर और उपायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट के ठीक सामने सप्लाई वाटर खुलेआम सड़क पर बहता रहा, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे रहे।
नाली निर्माण के बाद बिगड़ी व्यवस्था, सड़क बनी जलधारा
मौके पर हालात इतने बदतर हैं कि जैसे ही वाटर सप्लाई शुरू होती है, जमीन के नीचे से कई जगहों पर पाइपलाइन फटने जैसी स्थिति बन जाती है। कुछ ही मिनटों में सड़क पूरी तरह जलधारा में तब्दील हो जाती है और तेज बहाव के साथ हजारों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। राहगीरों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नाली निर्माण के बाद से यह समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन नगर निगम और संबंधित पदाधिकारी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।
दुर्गापूजा से जारी समस्या, शिकायतें बेअसर
स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्गापूजा के बाद से ही सड़क पर पानी बहने की समस्या शुरू हो गई थी। शुरुआत में रातु रोड वेजिटेबल मार्केट के सामने मंदिर के पास से पानी निकल रहा था, लेकिन अब दर्जनों स्थानों से पानी उफनने लगा है। लोगों ने कई बार इसकी शिकायत की, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
रोजाना प्रशासनिक मार्ग पर लापरवाही, जनता में आक्रोश
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरी स्थिति उस मार्ग पर बनी हुई है, जहां से जिला प्रशासन के अधिकारी रोजाना आवागमन करते हैं। इसके बावजूद न तो पाइपलाइन की मरम्मत की गई और न ही पानी की बर्बादी रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब प्रशासन के नाक के नीचे इस तरह पानी बर्बाद हो रहा है, तो शहर के दूर-दराज इलाकों की स्थिति कितनी भयावह होगी। इस लापरवाही को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और वे दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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