राँची:- राँची ने एक बार फिर उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और अनुभवी विशेषज्ञों के समन्वय से जटिल हृदय रोग उपचार में बड़ी सफलता हासिल की है। अस्पताल में 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला कौशल्या देवी की सफल ओपन हार्ट सर्जरी कर यह संदेश दिया गया कि सही चिकित्सा योजना और मजबूत टीमवर्क के साथ उम्र इलाज में बाधा नहीं बनती।
अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियक सर्जन डॉ. कुणाल हजारी की सलाह पर तत्काल जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि मरीज के दिल की कार्यक्षमता यानी ईएफ (EF) केवल 30 प्रतिशत रह गई थी। अधिक उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण यह मामला चिकित्सकीय रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था।
इसके बावजूद डॉ. कुणाल हजारी और उनकी टीम ने ओपन हार्ट सर्जरी करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन तकनीकी रूप से सफल रहा, हालांकि सर्जरी के बाद मरीज को वेंटिलेटर से हटाने की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण रही। कई दिनों तक कार्डियक इंटेंसिविस्ट, नर्सिंग स्टाफ और सपोर्ट टीम की सतत निगरानी एवं प्रयासों के बाद मरीज को सुरक्षित रूप से वेंटिलेटर से हटाया गया। इसके बाद उनकी स्थिति में लगातार सुधार होता गया।
अस्पताल से छुट्टी के बाद मरीज को घर पर नर्सिंग केयर की सलाह दी गई थी। ऑपरेशन के करीब डेढ़ महीने बाद अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और नियमित फॉलो-अप के लिए अस्पताल आ रही हैं।
इस उपलब्धि पर हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि यह सर्जरी अस्पताल की क्लिनिकल एक्सीलेंस, अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मल्टीडिसिप्लिनरी टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अधिक उम्र के मरीजों में इस प्रकार की जटिल सर्जरी बड़ी चुनौती होती है, लेकिन डॉक्टरों, इंटेंसिव केयर टीम और नर्सिंग स्टाफ के समन्वित प्रयासों से यह संभव हो सका।









