पारस एचईसी हॉस्पिटल रांची में चमत्कारिक लिंब सेविंग सर्जरी
बिना समय गंवाए लिया गया आपातकालीन सर्जरी का फैसला
डॉ अवकाश कुमार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना देरी किए आपातकालीन अंग-बचाव सर्जरी का निर्णय लिया। इस जटिल प्रक्रिया में सबसे पहले हड्डियों के अंदर से मिट्टी और संक्रमित कचरे को पूरी तरह साफ किया गया। इसके बाद एक ही ऑपरेशन में दोनों हड्डियों को सफलतापूर्वक फिक्स कर दिया गया।
मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार समय पर की गई सर्जरी से संक्रमण को फैलने से रोका गया और बच्चे का हाथ बचा लिया गया। फिलहाल बच्चे का हाथ पूरी तरह से कार्य कर रहा है और वह तेजी से सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।
एनेस्थीसिया टीम की भूमिका भी रही अहम
इस सर्जरी में ऑर्थोपेडिक्स टीम को एनेस्थीसिया टीम का भी पूर्ण सहयोग मिला। विशेषज्ञ देखरेख और सतत मॉनिटरिंग ने इस हाई-रिस्क लिंब सेविंग सर्जरी को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ अवकाश कुमार बोले: ऑस्टियोमाइलाइटिस का था बड़ा खतरा
डॉ अवकाश कुमार ने बताया कि यह एक ‘हाई रिस्क’ केस था। हड्डियों में मिट्टी होने के कारण ऑस्टियोमाइलाइटिस (हड्डी का गंभीर/जानलेवा संक्रमण) का खतरा था, जिससे हाथ हमेशा के लिए बेकार हो सकता था। उन्होंने कहा कि समय पर सर्जरी कर संक्रमण का खतरा रोक दिया गया और बच्चे का हाथ बचा लिया गया।
फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ नीतेश कुमार: समय पर निर्णय सबसे महत्वपूर्ण
हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ नीतेश कुमार ने कहा कि इस प्रकार के गंभीर और आपातकालीन मामलों में समय पर सही निर्णय सबसे महत्वपूर्ण होता है। डॉ अवकाश कुमार और उनकी टीम ने जिस कुशलता, समर्पण और तत्परता से इस केस को हैंडल किया, वह काबिले-तारीफ है।
उन्होंने कहा कि पारस हॉस्पिटल रांची में लगातार आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञ और बेहतर मरीज देखभाल के माध्यम से जटिल से जटिल सर्जरी को सफल बनाया जा रहा है। यह सफलता पूरी मेडिकल टीम के समन्वित प्रयास का परिणाम है।










