राँची (धुर्वा): सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची के परिसर में आज का दिन भावनाओं से भरा रहा। विद्यालय के संचालन समिति के माननीय सदस्य, सांदीपनि आश्रम के संरक्षक एवं शिशु विकास मंदिर समिति (झारखंड) के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुके स्वर्गीय महावीर सिंह जी के आकस्मिक निधन की सूचना ने विद्यालय परिवार और समाज को गहरे शोक में डुबो दिया। इसी क्रम में विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा/शोक सभा का आयोजन किया गया, जहाँ उपस्थित जनों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम प्रणाम किया।

श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत अत्यंत शांत और गंभीर वातावरण में हुई। उपस्थित शिक्षक-आचार्य, कर्मचारी एवं समिति के सदस्यों ने स्वर्गीय महावीर सिंह जी के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि वे केवल एक समिति सदस्य नहीं थे, बल्कि विद्यालय के लिए मार्गदर्शक, संरक्षक और प्रेरणा के रूप में हमेशा उपस्थित रहे। उनके सहज व्यवहार, सरल वाणी और सेवा-भाव की चर्चा करते हुए वक्ताओं ने बताया कि उन्होंने शिक्षा और सामाजिक उत्थान के कार्यों में पूरे मन से योगदान दिया।
वक्ताओं का भावपूर्ण संदेश: “स्वर्गीय महावीर सिंह जी का जीवन सेवाभाव, सरलता और समर्पण का उदाहरण रहा। विद्यालय और समाज के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।”
दो मिनट का मौन, प्रार्थना और ‘ॐ शांति’ की गूंज
सभा के दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस मौन में केवल शांति नहीं थी—उसमें एक शिक्षक, एक अभिभावक, एक समाजसेवी और एक संरक्षक के चले जाने का दुख भी था। मौन के बाद प्रार्थना की गई और वातावरण में “ॐ शांति: शांति: शांति:” की गूंज ने उपस्थित लोगों की आँखों को नम कर दिया।
विद्यालय और समाज के लिए अमूल्य योगदान
वक्ताओं ने स्वर्गीय महावीर सिंह जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे जिन पदों पर रहे, वहाँ उन्होंने हमेशा जिम्मेदारी को सेवा माना। विद्यालय संचालन, मार्गदर्शन और संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रियता ने कई बार विद्यालय परिवार को संबल दिया। उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे हर छोटे-बड़े कार्य को समान आदर के साथ देखते थे और हर व्यक्ति को सम्मान देते थे।
सभा में यह भी कहा गया कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान केवल व्यवस्थागत नहीं था, बल्कि उन्होंने मूल्य-आधारित शिक्षा को मजबूत करने का निरंतर प्रयास किया। उनके जाने से विद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरा समाज एक सच्चे मार्गदर्शक से वंचित हो गया है।
श्रद्धांजलि सभा में कई गणमान्य सदस्य रहे उपस्थित
श्रद्धांजलि सभा में कई सम्मानित एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
श्री शक्ति नाथ लाल दास, प्रो. ब्रज किशोर जयसवाल, श्री पवन मंत्री, श्री अखिलेश्वर नाथ मिश्र, श्री लाल अशोक नाथ शाहदेव, श्री बलराम उपाध्याय, श्रीमती अंजू कुजूर, डॉ. उमाशंकर शर्मा, श्री योगेश्वर दुबे, श्री विनोद कुमार सिंह, श्री नर्मदेश्वर मिश्र, श्री आशीष नाथ शाहदेव, श्री सत्यनारायण कंठ, श्री अनिल कुमार झा, श्री सुबोध कुमार, श्री आर. के. झा, श्री सुनील दत्त सिंह, श्री सतीश कुमार, सुश्री मीना कुमारी, श्री सुनील कुमार पांडेय, श्री कुमरेन्द्र झा
तथा विद्यालय के समस्त आचार्य एवं कर्मचारी बंधु-भगिनी उपस्थित रहे।
शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना
सभा के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। उपस्थित जनों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान हो और परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति मिले।












