राँची:- राँची के सेंट ज़ेवियर्स स्कूल, डोरंडा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित पुस्तक “AI UNLOCKED: Work Smarter, Not Harder” का विमोचन कार्यक्रम बेहद उत्साह, शैक्षणिक गरिमा और प्रेरणादायक संदेशों के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम सिर्फ एक किताब का विमोचन नहीं था, बल्कि भविष्य की तकनीक को समझने, उसे सीखने और नैतिक तरीके से अपनाने का सामूहिक संकल्प भी बनकर सामने आया।
लेखक और प्रकाशन ! स्कूल की उपलब्धि, विद्यार्थियों के लिए नई दिशा
इस पुस्तक के लेखक डॉ. संतोष कुमार हैं, जो सेंट ज़ेवियर्स स्कूल, डोरंडा में विभागाध्यक्ष – कंप्यूटर साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रूप में कार्यरत हैं।
पुस्तक का प्रकाशन Thornton Press द्वारा किया गया है। “AI UNLOCKED” का उद्देश्य AI को केवल तकनीकी शब्दों तक सीमित न रखकर, सरल भाषा में उसके व्यावहारिक उपयोग और वास्तविक जीवन में इसके अनुप्रयोगों को सामने लाना है। यही कारण है कि यह पुस्तक विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी मार्गदर्शक के रूप में उपयोगी साबित हो सकती है।
Guest of Honour ! AI का भविष्य तभी सुरक्षित है जब उपयोग नैतिक हो
कार्यक्रम में Guest of Honour के रूप में उपस्थित
डॉ. डी. के. सिंह (माननीय कुलपति, झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एवं रांची विश्वविद्यालय)
ने लेखक डॉ. संतोष कुमार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में AI का प्रभाव हर क्षेत्र में बढ़ रहा है,
लेकिन इसके साथ नैतिकता (Ethics) का जुड़ना उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने, नई तकनीकों को सीखने और तकनीकी रूप से सशक्त, डिजिटल रूप से सक्षम भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि का संदेश ! AI शिक्षा को बढ़ावा देने की सराहना
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह (माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार)
एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठक के कारण उपस्थित नहीं हो सकीं। हालांकि उनका संदेश डॉ. अभय सागर मिंज द्वारा पढ़कर सुनाया गया, जिसमें उन्होंने डॉ. संतोष कुमार को बधाई देते हुए विद्यार्थियों के बीच AI शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों की विशेष प्रशंसा की।
Jesuit संदेश ! तकनीक मानव कल्याण के लिए हो—यही सही दिशा
फादर अजीत कुमार खेस, एस.जे. (प्रोविंशियल, रांची जेसुइट्स) भी अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।
उनका संदेश स्कूल के प्राचार्य फादर फूलदेव सोरेंग, एस.जे. द्वारा पढ़कर सुनाया गया। संदेश में फादर अजीत ने डॉ. संतोष कुमार की कठिन मेहनत, दृढ़ संकल्प और मजबूत इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि
तकनीक का उपयोग हमेशा मानव जीवन के कल्याण के लिए होना चाहिए।
प्राचार्य की अध्यक्षता ! शिक्षा और तकनीक का संतुलन ही सफलता की कुंजी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे फादर फूलदेव सोरेंग, एस.जे. (प्राचार्य, सेंट ज़ेवियर्स स्कूल, डोरंडा)
ने डॉ. संतोष कुमार को बधाई देते हुए पुस्तक के लिए शुभकामनाएँ प्रदान कीं।
उन्होंने लेखक की समर्पण भावना, तकनीकी दक्षता तथा शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान की सराहना की।
पूर्व शिक्षकों की उपस्थिति ! “शिष्य की सफलता” बना गौरव का क्षण
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति ने माहौल को और भी गरिमामय बना दिया।
विशेष रूप से उस समय भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जब
श्री नागेश्वर पसायत एवं श्री मनोज कुमार मिश्रा — डॉ. संतोष कुमार के
पूर्व शिक्षक— कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपने शिष्य की उपलब्धि के साक्षी बने। यह दृश्य इस बात का संदेश देता है कि अच्छे शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं, भविष्य गढ़ते हैं— और जब वही शिक्षक अपने विद्यार्थी की उपलब्धि पर गर्व करते हैं,
तो वह क्षण पूरे शिक्षा जगत को प्रेरित कर देता है।

पुस्तक में क्या है खास? AI को “सरल, उपयोगी और व्यावहारिक” बनाने की कोशिश
“AI UNLOCKED” पुस्तक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विविध अनुप्रयोगों और व्यावहारिक उपयोगों को
सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह उन विद्यार्थियों के लिए खास है जो AI को लेकर उत्सुक हैं,
लेकिन शुरुआत कैसे करें—यह समझ नहीं पाते।
- AI के वास्तविक जीवन में उपयोग को आसान भाषा में समझाने का प्रयास
- शिक्षा, कार्यक्षेत्र और दैनिक जीवन में “Work Smarter” की सोच
- AI के साथ नैतिक जिम्मेदारी (Ethical AI) पर जोर
- विद्यार्थियों और शिक्षकों—दोनों के लिए उपयोगी दृष्टिकोण
धन्यवाद ज्ञापन और समापन ! सहयोग, प्रेरणा और नए संकल्प के साथ समाप्ति
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन फादर रवि भूषण खेस, एस.जे. (उप-प्राचार्य) द्वारा प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं अपने समापन वक्तव्य में डॉ. संतोष कुमार ने सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए विशेष रूप से
कंप्यूटर साइंस विभाग के शिक्षकों श्री जॉयदीप बनर्जी एवं श्रीमती रूचि पांडेय के सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन प्रेरणा, ज्ञानवर्धन तथा AI के नैतिक और नवाचारी उपयोग के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। यह आयोजन रांची के शैक्षणिक जगत के लिए एक संदेश है कि तकनीक का सही मार्गदर्शन विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकता है।













