राँची, 2 जून:- जातीय जनगणना के पहले चरण में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम नहीं दिए जाने के विरोध में राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। मोर्चा ने 4 जून को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, धुर्वा का घेराव करने की घोषणा की है।

मंगलवार को हरमू स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने केंद्र सरकार पर ओबीसी समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 52 प्रतिशत आबादी को ‘अन्य’ श्रेणी में शामिल कर उनकी वास्तविक संख्या और अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

राजेश गुप्ता ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की अलग से गणना की जा रही है, तो ओबीसी समुदाय के लिए अलग कॉलम क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज अपनी जनसंख्या और अधिकारों की सही पहचान चाहता है।
प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष उर्मिला यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल करते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ओबीसी समुदाय की वास्तविक गणना कब और कैसे की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनगणना के पहले चरण में ही ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के महासचिव प्रभात शर्मा ने बताया कि 4 जून को सुबह 11 बजे पुराना विधानसभा परिसर से राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, धुर्वा तक मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि सैकड़ों कार्यकर्ता जुलूस के रूप में आयोग कार्यालय पहुंचकर घेराव करेंगे और अपनी मांगों को मजबूती से रखेंगे।
उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज की गणना सुनिश्चित किए बिना सामाजिक न्याय की बात अधूरी है। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता, प्रदेश महिला अध्यक्ष उर्मिला यादव, महासचिव सत्येंद्र यादव, प्रभात शर्मा, सुनीत बरनवाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।









