राँची:- वाईबीएन विश्वविद्यालय, रांची की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा MY Bharat, Ranchi के सहयोग से “GEN-Z Against Addiction: नशा मुक्त भारत–विकसित भारत” अभियान के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, एनएसएस स्वयंसेवकों एवं अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसे सभी प्रतिभागियों ने गंभीरता एवं उत्साह के साथ देखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार जीवन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा नशामुक्त होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री के संदेश ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में वाईबीएन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री रामजी यादव, MY Bharat, Ranchi की निदेशक श्रीमती ललिता कुमारी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. पोद्दार, सीएमडी डॉ. अंकिता यादव, MY Bharat, Ranchi की उपनिदेशक श्रीमती श्वेता सिंह, एनएसएस समन्वयक डॉ. कौशल किशोर तथा डॉ. गौरव मित्तल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री रामजी यादव ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
MY Bharat, Ranchi की निदेशक श्रीमती ललिता कुमारी ने कहा कि MY Bharat युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. पोद्दार ने अपने संबोधन में कहा कि नशा व्यक्ति के व्यक्तित्व, परिवार और समाज तीनों को प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आग्रह किया।
सीएमडी डॉ. अंकिता यादव ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक होकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से “नशा मुक्त भारत–विकसित भारत” का संकल्प लिया। सभी प्रतिभागियों ने समाज में नशे के प्रति जागरूकता फैलाने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने तथा समाज को नशामुक्त बनाने के सामूहिक संदेश के साथ हुआ।








