राँची:- राँची के प्रसिद्ध माँ शेरावाली मंदिर (Site-4) परिसर में एक भव्य जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरी रात माता के भजनों में लीन होकर झूमते नजर आए।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना से की गई, जिसके बाद भक्ति गीतों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

मुख्य अतिथि ने की आयोजन की सराहना
इस अवसर पर YBN की प्रिंसिपल डॉ. चांदनी नाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश देते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से शैला जी के समर्पण और मेहनत की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों के कारण ही यह कार्यक्रम हर वर्ष भव्य रूप में सफलतापूर्वक आयोजित हो पाता है।

वर्षों पुरानी परंपरा, बढ़ता जा रहा आकर्षण
यह जागरण कार्यक्रम कई वर्षों से बाबलू जी और शैला जी के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भी भव्य होता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
इस बार भी कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और माता के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक बनकर उभरा।

भक्ति गीतों ने बांधा समां
जागरण के दौरान नूतन जी की टीम द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों ने समां बांध दिया। एक के बाद एक भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरी रात माता के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
भक्ति संगीत की मधुर धुनों और कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई श्रद्धालु भजनों पर झूमते और नाचते हुए नजर आए।

आरती और प्रसाद वितरण के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन सुबह आरती के साथ किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने एक साथ माता की आरती उतारी। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया और श्रद्धालुओं ने माँ शेरावाली का आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
इस भव्य जागरण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज को एकजुट करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।









