राँची में 59वां अभियंता दिवस ! JE के ग्रेड पे से Law & Order Duty तक, सरकार के सामने रखी गईं बड़ी मांगें

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राँची:- राजधानी रांची के नामकुम स्थित डिप्लोमा अभियंता संघ, झारखंड के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को 59वां अभियंता दिवस समारोह पूरे उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। डिप्लोमा अभियंता संघ, झारखंड के रांची एवं खूंटी जनपद के सौजन्य से आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में कार्यरत और सेवानिवृत्त अभियंता शामिल हुए। कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि अखिल भारतीय डिप्लोमा अभियंता महासंघ के उपाध्यक्ष इं. लाल बिहारी यादव समेत कई वरिष्ठ अभियंता और संघ के पदाधिकारी विशिष्ट एवं सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए।

समारोह की शुरुआत अभियंता शिरोमणि और भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसके बाद मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उपस्थित अभियंताओं ने डॉ. विश्वेश्वरैया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन, कार्यों तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया। डॉ. विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक के मुद्देनहल्ली में हुआ था और इंजीनियरिंग तथा राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनकी जयंती के अवसर पर हर वर्ष 15 सितंबर को अभियंता दिवस मनाया जाता है और इसी परंपरा के तहत इस वर्ष 59वां अभियंता दिवस समारोह आयोजित किया गया।

डॉ. विश्वेश्वरैया को याद करने के साथ ही समारोह में अभियंताओं की वर्तमान भूमिका और उनकी जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्य अतिथि मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि अभियंताओं के बिना राज्य के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती और राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने में अभियंताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभियंताओं से अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने की अपील की और कहा कि सरकार के स्तर पर अभियंताओं से जुड़ी समस्याओं और विसंगतियों को दूर करने की दिशा में सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। मंत्री ने अभियंताओं से यह भी अपेक्षा जताई कि वे अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभाते हुए झारखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपना योगदान देंगे।

मंत्री के इस संदेश के बीच समारोह में डिप्लोमा अभियंता संघ ने अपनी लंबित समस्याओं को भी मजबूती से सामने रखा। संघ के महामंत्री इं. सुभाष कुमार यादव ने कहा कि अभियंता दिन-रात फील्ड में काम करते हैं और विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन इसके बावजूद कनिष्ठ अभियंताओं को कई स्तरों पर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संघ की प्रमुख मांगों में सबसे महत्वपूर्ण मांग कनिष्ठ अभियंताओं के ग्रेड पे को ₹4,200 से बढ़ाकर ₹4,600 करना है। उनके अनुसार झारखंड में कनिष्ठ अभियंताओं को वर्तमान में ₹4,200 का ग्रेड पे मिलता है, जबकि संघ का कहना है कि बिहार सहित कई अन्य राज्यों में कनिष्ठ अभियंताओं को ₹4,600 का ग्रेड पे दिया जा रहा है। इसी वेतन विसंगति को दूर करने के लिए संघ लंबे समय से सरकार के सामने अपनी मांग रखता रहा है और इस बार भी अभियंता दिवस के मंच से इस मांग को प्रमुखता से उठाया गया।

ग्रेड पे के मुद्दे के साथ ही संघ ने कनिष्ठ अभियंताओं को Law & Order Duty से मुक्त रखने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई। महामंत्री सुभाष कुमार यादव ने कहा कि कनिष्ठ अभियंताओं को कई बार उनके मूल तकनीकी और विकास कार्यों से अलग जिम्मेदारियों में लगा दिया जाता है, जिससे उनके नियमित काम पर असर पड़ता है। उन्होंने पाकुड़ में बालू के अवैध उत्खनन से संबंधित निगरानी कार्यों में कनिष्ठ अभियंताओं को लंबे समय तक लगाए जाने और जमशेदपुर में SIR से जुड़े कार्यों में भी कनिष्ठ अभियंताओं की ड्यूटी लगाए जाने का उदाहरण दिया। संघ का कहना है कि कनिष्ठ अभियंताओं की विशेषज्ञता विकास और तकनीकी कार्यों में है, इसलिए उन्हें ऐसी जिम्मेदारियों से मुक्त रखकर विकास योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

इसी क्रम में संघ की ओर से कनिष्ठ अभियंता की नियुक्ति में डिप्लोमा योग्यता को अनिवार्य करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा संघ ने अपने सदस्यों की प्रोन्नति को प्रत्येक कैलेंडर वर्ष की गणना के आधार पर नियमित रूप से करने की मांग भी सरकार के सामने रखी। संघ का कहना है कि सेवा संबंधी इन समस्याओं का समाधान होने से अभियंताओं में काम के प्रति उत्साह बढ़ेगा और वे विकास कार्यों को और बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे।

समारोह केवल मांगों और समस्याओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें अभियंताओं के अनुभव और नई तकनीकी जानकारी को साझा करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के संयोजक इं. गिरेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि अभियंता दिवस का उद्देश्य केवल डॉ. विश्वेश्वरैया को याद करना नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए तकनीकी क्षेत्र में नई जानकारी और आधुनिक तकनीकों पर भी चर्चा करना है। उन्होंने बताया कि समारोह में कार्यरत अभियंताओं के साथ-साथ सेवानिवृत्त अभियंता भी शामिल होते हैं, जो अपने लंबे अनुभव को साझा करते हैं और वर्तमान पीढ़ी के अभियंताओं को गुणवत्ता तथा तकनीकी दक्षता के साथ काम करने का मार्गदर्शन देते हैं।

इस अवसर पर संघ की ओर से सेवानिवृत्त अभियंताओं को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित होने वालों में इं. शम्भु शरण सिंह, इं. सुरेन्द्र कुमार, इं. सिद्धी पासवान, इं. प्रवीण कुमार, इं. नरेश दास, इं. रघुवंश प्रसाद सिंह, इं. राजू किस्पोट्टा, इं. कामेश्वर प्रसाद तांती, इं. डेविड ओड्या और इं. मिथिलेश कुमार पाण्डेय सहित अन्य अभियंता शामिल रहे। सम्मान समारोह के दौरान वरिष्ठ अभियंताओं के अनुभव और सेवाओं को याद करते हुए उन्हें सम्मान प्रदान किया गया, जिससे कार्यक्रम में भावनात्मक और प्रेरणादायक माहौल भी देखने को मिला।

कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष इं. दिलीप कुमार मरांडी ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी सदस्यों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभियंताओं की विभिन्न मांगों को सरकार से लागू कराने के लिए संगठन की मजबूती और सदस्यों की एकजुटता बेहद जरूरी है। वहीं, कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने डॉ. विश्वेश्वरैया के जीवन से प्रेरणा लेते हुए ईमानदारी, गुणवत्ता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया।

कुल मिलाकर रांची में आयोजित 59वां अभियंता दिवस समारोह एक ओर जहां महान अभियंता और भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के योगदान को याद करने और उनके आदर्शों पर चलने का अवसर बना, वहीं दूसरी ओर इस मंच से झारखंड के कनिष्ठ अभियंताओं की सेवा संबंधी समस्याएं भी खुलकर सामने आईं। ₹4,200 से ₹4,600 ग्रेड पे करने, Law & Order Duty से मुक्त रखने, कनिष्ठ अभियंता की नियुक्ति में डिप्लोमा योग्यता अनिवार्य करने और नियमित प्रोन्नति जैसी मांगों को लेकर अब अभियंता संघ की नजर सरकार के अगले कदम पर है। समारोह में मंत्री योगेंद्र प्रसाद की ओर से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिए जाने के बाद अभियंताओं को उम्मीद है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में सरकार सकारात्मक पहल करेगी।

Ranchi Club TV की खास रिपोर्ट: अभियंता दिवस के मंच से साफ संदेश सामने आया कि झारखंड के विकास में अभियंताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन बेहतर विकास के लिए जरूरी है कि तकनीकी अधिकारियों को उनकी विशेषज्ञता और मूल जिम्मेदारियों के अनुरूप काम करने का अवसर मिले। अब सवाल यही है कि अभियंताओं की इन मांगों पर सरकार कब और कितना ठोस फैसला लेती है।

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Author: Ranchi Club Tv

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