हिंदी दिवस पखवाड़ा ! कांके शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में संगोष्ठी, सम्मान समारोह और पोस्टर लॉन्च

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राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय कांके में हिंदी दिवस पखवाड़ा

राँची:- राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, कांके, रांची में हिंदी दिवस 2026 के उपलक्ष्य में “भारत में संपर्क भाषा के रूप में हिंदी: चुनौतियां एवं संभावनाएं” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य भगीरथ आर्य ने की। आयोजन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

संगोष्ठी को तीन प्रमुख सत्रों में आयोजित किया गया। इनमें उद्घाटन सत्र सह पत्र वाचन सत्र, सम्मान समारोह सत्र और पोस्टर लॉन्च सत्र शामिल रहे। तीनों सत्रों में हिंदी की भूमिका, उसकी चुनौतियों, संभावनाओं और भारतीय भाषाओं के साथ उसके संबंधों पर व्यापक विमर्श हुआ।

वंदे मातरम् से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् से हुआ, जबकि समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षु शिक्षक प्रतीक शर्मा ने किया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन प्रशिक्षु शिक्षक साज़िद ने किया।

विषय प्रवेश एवं अतिथि परिचय महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. ओम प्रकाश ने कराया। उन्होंने संगोष्ठी के विषय की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए संपर्क भाषा के रूप में हिंदी के सामने मौजूद भाषायी, तकनीकी एवं सामाजिक चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया। पौधा भेंट करने की पहल को पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति की संवेदनशील परंपरा से जोड़कर देखा गया।

सुनीता अग्रवाल ने हिंदी के रचनात्मक प्रयोग पर दिया जोर

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कवयित्री सुनीता अग्रवाल रहीं। उन्होंने हिंदी को भारतीय समाज को जोड़ने वाली सशक्त भाषा बताते हुए कहा कि हिंदी की व्यापकता को देश की विविध भाषायी परंपराओं के साथ समझने की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से हिंदी के प्रभावी एवं रचनात्मक प्रयोग के माध्यम से भाषा के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

डॉ. बालेश्वर नाथ पाठक ने हिंदी की भूमिका पर रखा पक्ष

मुख्य वक्ता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के भारतीय भाषा मंच, झारखंड प्रदेश के संयोजक एवं रांची विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के पूर्व प्राध्यापक डॉ. बालेश्वर नाथ पाठक रहे। उन्होंने हिंदी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि भारत जैसे बहुभाषी देश में संपर्क भाषा के रूप में हिंदी की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके विकास के लिए भारतीय भाषाओं के बीच समन्वय और सम्मान की भावना आवश्यक है।

भाषा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य भगीरथ आर्य ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शिक्षक-प्रशिक्षण के स्तर पर भाषा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु शिक्षक भविष्य में विद्यार्थियों के बीच भाषा, संस्कृति और विचारों के संवाहक होंगे। इसलिए हिंदी के प्रभावी एवं सहज प्रयोग को शिक्षण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

प्रशिक्षु शिक्षकों ने प्रस्तुत किए शोधपरक पत्र

उद्घाटन सत्र सह पत्र वाचन सत्र में प्रशिक्षु शिक्षकों ने “भारत में संपर्क भाषा के रूप में हिंदी: चुनौतियां एवं संभावनाएं” विषय पर अपने विचार और शोधपरक पत्र प्रस्तुत किए।

पत्र वाचन में अभिषेक राजेंद्र एक्का, प्रतीक शर्मा, मिथिलेश सोय, हिमांशु महतो, मनन कुमार, अभिजीत कुमार, गौरव प्रसाद, नितिन रंजन, कारण कुमार राय, सचिन कुमार, राहुल कुमार मिश्रा, रोहित सन्नी एक्का, उदय सिंह, निशांत कुमार पांडे, आशीष कुमार सिन्हा, प्रभात सुंदरम, उत्कर्ष भारद्वाज, हर्ष राज, राज कुमार, गौरव राज, ऋषि राज पाण्डेय, अमित रंजन, देवेंद्र दास, साजिद अंसारी, धीरज कुमार, नमन बिरेंद्र कुल्लू, प्रिंस गुप्ता, अमन एक्का, समीर इग्नसेस लकड़ा, उदित उपाध्याय, सौभाग्य सेशन, अंकित कुमार सिंह, रंजीत कुमार, अशोक कुमार महतो, पंकज कुमार साव, विजय कुमार यादव, पीयूष कुमार, अजीत मुंडी, दिव्यांशु झा, भास्कर कुमार, समीर विश्वकर्मा, अभय पीटर लकरा, निलेश तिवारी, आनंद राज चौधरी, आर्यन कुमार, रोहित कुमार, प्रद्युम्न प्रामाणिक, निरंजन मंडल एवं शुभम महली ने सहभागिता की।

पत्र वाचन के दौरान प्रशिक्षु शिक्षकों ने हिंदी की व्यापक स्वीकार्यता, शिक्षा, प्रशासन, संचार, तकनीक तथा भारतीय भाषाओं के साथ हिंदी के संबंध जैसे विभिन्न पक्षों को सामने रखा।

सत्र 2024–26 के सेकंड टॉपर नीतीश प्रमाणिक सम्मानित

कार्यक्रम के सम्मान समारोह सत्र में महाविद्यालय के सत्र 2024–26 के सेकंड टॉपर नीतीश प्रमाणिक को महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य भगीरथ आर्य द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य भगीरथ आर्य ने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु शिक्षक अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का कार्य करते हैं और महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हैं।

Creative Expression Competition 2026 का पोस्टर लॉन्च

कार्यक्रम के पोस्टर लॉन्च सत्र में कॉलेज एरा की संपादिका डॉ. शीतल ने आगामी Inter College University Creative Expression Competition 2026 के लिए प्रतियोगिता पोस्टर लॉन्च किया।

प्रतियोगिता के अंतर्गत निबंध लेखन, चित्रांकन और पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी वैचारिक एवं सृजनात्मक प्रतिभा अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

डॉ. शीतल ने कहा कि विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करना शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उसे विचार, सृजन और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

प्रशिक्षु शिक्षकों में दिखा उत्साह

कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक पंकज मेहता, धनंजय तिवारी, डॉ. जाकिर हुसैन, डॉ. ओम प्रकाश तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारी ममता सहित महाविद्यालय के प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित रहे।

तीनों सत्रों में प्रशिक्षु शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को अकादमिक एवं रचनात्मक स्वरूप प्रदान किया।

समापन अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्रशिक्षु शिक्षक साज़िद ने मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, प्रभारी प्राचार्य, महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कॉलेज एरा की संपादिका डॉ. शीतल तथा सभी प्रतिभागी प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रशिक्षु शिक्षकों को विचार, अभिव्यक्ति, शोध एवं रचनात्मकता के लिए सार्थक मंच प्रदान करते हैं।

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Author: Ranchi Club Tv

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