रांची: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शहीद हुए झारखंड के दो वीर जवानों—तिरिल निवासी स्व. अजय लकड़ा एवं पुरुलिया निवासी स्व. प्रद्युम्न लोहार—के पार्थिव शरीर के रांची आगमन पर राज्य सरकार की ओर से बिरसा मुंडा हवाई अड्डा, रांची में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर वित्त मंत्री ने शहीदों को नमन करते हुए पुष्पचक्र अर्पित किया और शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की।
देश की रक्षा में दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता
श्रद्धांजलि के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि देश की रक्षा में दिया गया शहीदों का सर्वोच्च बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों ने अपने कर्तव्य पथ पर रहते हुए जो अदम्य साहस और समर्पण दिखाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शहीद परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शहीदों के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ उनके गृह स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाए।
हवाई अड्डा परिसर में गमगीन माहौल, सम्मान के साथ हुआ स्वागत
बिरसा मुंडा हवाई अड्डा परिसर में शहीद जवानों के पार्थिव शरीर के पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। मौजूद अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और प्रतिनिधियों ने मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीदों के सम्मान में पूरे आयोजन को गरिमामय तरीके से संपन्न कराया गया।
बताया गया कि शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को उनके गृह क्षेत्रों की ओर रवाना करने से पहले सभी औपचारिकताओं को पूर्ण किया गया, ताकि अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया परिवार व स्थानीय प्रशासन की देखरेख में सम्मानपूर्वक संपन्न हो सके।
डोडा हादसा: कर्तव्य निभाते हुए गई दो जिंदगियां
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए इस सड़क हादसे को बेहद दुखद बताया जा रहा है। कर्तव्य पालन के दौरान हुए इस हादसे में झारखंड के दो जवानों के शहीद होने की खबर मिलते ही राज्यभर में शोक की लहर दौड़ गई। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।

राज्य सरकार से सहायता का भरोसा
- शहीद परिवारों को सरकारी योजनाओं/प्रावधानों के तहत सहायता सुनिश्चित करने की बात
- परिवार को हर स्तर पर सहयोग देने का भरोसा
- प्रशासन को समन्वय और सम्मानजनक व्यवस्था के निर्देश










