रांची में झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल (JEPC) के अंतर्गत कार्यरत संविदा लैब फैसिलिटेटर्स ने महज 11 माह में सेवा से हटाए जाने के विरोध में JEPC कार्यालय का घेराव किया। लैब फैसिलिटेटर्स का कहना है कि राज जियोटेक कंपनी की ओर से उन्हें तीन वर्ष तक रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 11 माह में ही सेवा समाप्त कर दी गई।
इस विरोध कार्यक्रम का नेतृत्व आजसू छात्र संघ के महानगर अध्यक्ष अमन साहू, प्रदेश सचिव राजेश सिंह एवं यश सोनी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लैब फैसिलिटेटर्स ने कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
तीन साल के रोजगार के आश्वासन का मामला
आजसू छात्र संघ के महानगर अध्यक्ष अमन साहू ने कहा कि तीन वर्ष तक रोजगार का आश्वासन देकर युवाओं को महज 11 माह में सेवा से हटाना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि कई युवाओं ने रोजगार के भरोसे अपना भविष्य तय किया था, लेकिन अचानक सेवा समाप्त किए जाने से सैकड़ों लैब फैसिलिटेटर्स के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है।
अमन साहू ने मांग की कि राज जियोटेक कंपनी की ओर से दिए गए रोजगार के आश्वासन को पूरा किया जाए और लैब फैसिलिटेटर्स की सेवा जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि JEPC को भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रभावित कर्मियों के हित में उचित निर्णय लेना चाहिए।
कंपनी से वादा पूरा करने की मांग
आजसू छात्र संघ के प्रदेश सचिव राजेश सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने का आश्वासन देकर 11 माह में सेवा से हटाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कंपनी से अपना वादा पूरा करने की मांग की।
वहीं, यश सोनी ने कहा कि लैब फैसिलिटेटर्स ने पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई है। अचानक सेवा समाप्त होने से उनके सामने गंभीर रोजगार संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने JEPC से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।
लैब फैसिलिटेटर्स ने सेवा जारी रखने की मांग की
प्रदर्शन कर रहे लैब फैसिलिटेटर्स ने मांग की कि उन्हें पूर्व में दिए गए रोजगार के आश्वासन के अनुरूप सेवा में बनाए रखा जाए। साथ ही संबंधित कंपनी और JEPC इस मामले का समाधान निकालते हुए प्रभावित कर्मियों के हित में उचित निर्णय लें।









