राँची:- शिशु विकास मंदिर समिति के संस्थापक सदस्य एवं वरिष्ठ स्वयंसेवक श्रद्धेय गोरखनाथ मिश्र जी के निधन पर मंगलवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा के केशव सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा उनके साथ बिताए अपने संस्मरण साझा किए।
सभा को संबोधित करते हुए विद्यालय के संस्थापक सदस्य श्री अखिलेश्वर नाथ मिश्र जी ने श्रद्धेय गोरखनाथ मिश्र जी के साथ अपने लंबे आत्मीय संबंधों को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा की स्थापना काल से लेकर उसके निरंतर विकास की यात्रा में गोरखनाथ मिश्र जी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय रहा है। उनका जीवन समर्पण, सेवा, अनुशासन और संगठन के प्रति निष्ठा का प्रेरणादायी उदाहरण था।
श्रद्धेय गोरखनाथ मिश्र जी के पुत्र श्री विजय कुमार मिश्र जी ने अपने पिता को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने अपने जीवन में जिन आदर्शों और मूल्यों को अपनाया, वे परिवार तथा समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय के संरक्षक सदस्य एवं रांची महानगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर संघचालक श्री पवन कुमार मंत्री जी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक कर्मठ कार्यकर्ता एवं समर्पित स्वयंसेवक के रूप में स्मरण किया। उन्होंने कहा कि गोरखनाथ मिश्र जी का सरल, सहज और समर्पित व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।
विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र देव गोस्वामी जी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन अत्यंत सादगीपूर्ण, अनुशासित एवं विद्यालय के प्रति पूर्णतः समर्पित रहा। उनके द्वारा दिखाए गए सेवा, अनुशासन और समर्पण के मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कई गणमान्यजन रहे उपस्थित
श्रद्धांजलि सभा में समिति के सह-मंत्री श्री नर्मदेश्वर मिश्र, कोषाध्यक्ष श्री अशोक कुमार, समिति के माननीय सदस्य श्री आशीष कुमार शाहदेव, श्री रोशन कुमार, श्री अनिल कुमार झा, श्री अनिरुद्ध प्रसाद, श्री अमित नंदन, विद्यालय के प्राचार्य श्री ललन कुमार, उपप्राचार्य सुश्री मीना कुमारी, श्री सुनील कुमार पांडेय, विद्यालय के सभी आचार्यगण तथा केशव नगर के वरिष्ठ स्वयंसेवक एवं उनके साथ रहे श्री शिव गोविंद पांडेय जी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
एक मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति एवं मोक्ष की कामना की। साथ ही ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई।









