राँची:- रांची स्थित Orchid Heritage Institute of Gastroenterology में पैंक्रियास से जुड़ी एक जटिल स्थिति का अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक से सफल उपचार किया गया। अस्पताल के अनुसार, Acute Pancreatitis के बाद पैंक्रियास के आसपास मवाद, तरल पदार्थ और मृत ऊतकों से बने जटिल संग्रह यानी Walled-Off Necrosis का EUS (Endoscopic Ultrasound) Guided Drainage के माध्यम से उपचार किया गया।
यह प्रक्रिया झारखंड के वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जयंत कुमार घोष और डॉ. अखिलेश यादव द्वारा की गई। एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड की मदद से पैंक्रियास के आसपास बने संग्रह की पहचान की गई और उसमें एक विशेष स्टेंट लगाया गया। इसके माध्यम से जमा मवाद और तरल पदार्थ को बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी की गई।
बड़ी सर्जरी के बजाय अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक
अस्पताल के अनुसार, ऐसे जटिल मामलों में पहले कई बार सर्जरी या CT scan-guided drainage जैसी प्रक्रियाओं का सहारा लिया जाता था। EUS Guided Drainage में एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड की सहायता से संग्रह की स्थिति की पहचान कर लक्षित तरीके से ड्रेनेज किया जाता है।
झारखंड में इस तरह की प्रक्रिया के कुछ मामले पहले भी किए जा चुके हैं, लेकिन इसकी नियमित उपलब्धता सीमित रही है। Orchid Heritage Institute of Gastroenterology के अनुसार, अब संस्थान में EUS Guided Drainage जैसी अत्याधुनिक प्रक्रियाएं नियमित रूप से उपलब्ध होंगी।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी की कई Advanced सुविधाएं उपलब्ध
Orchid Heritage Institute of Gastroenterology में पाचन तंत्र, पैंक्रियास और लिवर से जुड़ी जटिल बीमारियों की जांच और उपचार के लिए कई Advanced Diagnostic एवं Therapeutic Endoscopy सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें Endoscopic Ultrasound (EUS), Single Balloon Enteroscopy, Cholangioscopy with EHL, ERCP, EUS-guided therapeutic procedures, Endoscopic FNA/FNB, Colonoscopy और FibroScan जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
संस्थान का उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के माध्यम से जटिल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी रोगों की आधुनिक जांच एवं उपचार सुविधा झारखंड में ही उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम हो।









