राँची: आचार्य कुल झारखंड प्रांत द्वारा 29 एवं 30 अप्रैल 2026 को वाई बी एन विश्वविद्यालय, रांची में द्विदिवसीय महाधिवेशन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्वस्थ समाज निर्माण को लेकर व्यापक चर्चा होगी।

रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में आचार्य कुल झारखंड प्रांत ने आगामी महाधिवेशन को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। इस महाधिवेशन का मुख्य विषय “स्वस्थ समाज रचना – दशा एवं दिशा” रखा गया है, जिसका उद्देश्य समाज में विश्वास, नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करना है।
इस आयोजन में राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य डॉ. धर्मेंद्र, झारखंड अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जंग बहादुर पांडेय, उपाध्यक्ष डॉ. वासुदेव प्रसाद तथा रांची विश्वविद्यालय के उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रिजवान अली सहित कई गणमान्य विद्वान शामिल होंगे।

आचार्य डॉ. धर्मेंद्र ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में विश्वास की कमी एक गंभीर चुनौती है, जिसे संवाद, संस्कार और समन्वय के माध्यम से दूर किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह महाधिवेशन केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा।
महामंत्री डॉ. ओम प्रकाश ने जानकारी दी कि इस आयोजन में 300 से अधिक विद्वानों, शिक्षकों और चिंतकों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ट्रस्टी डॉ. रामजी यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
यह महाधिवेशन शिक्षा, संस्कृति, नैतिक मूल्यों और ग्राम स्वराज की अवधारणा को जोड़ते हुए समाज के समग्र विकास की दिशा में कार्य करेगा। साथ ही युवा शिक्षकों और प्रशिक्षुओं की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है।

आचार्य कुल की वैचारिक प्रेरणा आचार्य विनोबा भावे के सिद्धांतों से ली गई है, जिसमें भूदान आंदोलन, ग्राम स्वराज और सामाजिक समरसता को विशेष महत्व दिया गया है।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महाधिवेशन झारखंड से एक नई वैचारिक दिशा प्रदान करेगा और देशभर में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत करेगा।









