अंतरराष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर सेवा और समर्पण का संदेश, Eastern College Ranchi में आयोजित हुई कैपिंग, पिनिंग और ओथ सेरेमनी

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राँची:- राँची स्थित Eastern College of Nursing and Health Studies में अंतरराष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां सेवा, समर्पण और मानवता की अनूठी मिसाल देखने को मिली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, अभिभावक एवं अतिथि उपस्थित रहे।

इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। छात्राओं ने संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के निदेशक ने बताया कि हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर कॉलेज में जीएनएम पासआउट छात्राओं के लिए कैपिंग, पिनिंग और ओथ सेरेमनी आयोजित की जाती है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सेवा और मानवता के प्रति समर्पण का संकल्प लेने का अवसर होता है।

उन्होंने कहा कि इस ओथ सेरेमनी के दौरान छात्राएं यह शपथ लेती हैं कि आने वाले समय में वे अपने कार्य को पूरी ईमानदारी और सेवा भाव से करेंगी। वे मरीजों की सेवा किसी लालच, पैसे या निजी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि इंसानियत और मानव सेवा को सर्वोपरि मानकर करेंगी।

निदेशक ने आगे बताया कि अंतरराष्ट्रीय नर्सेस दिवस फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें दुनिया की पहली नर्स माना जाता है। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने घायल सैनिकों की निस्वार्थ भाव से सेवा की थी। उसी सेवा भावना और त्याग की प्रेरणा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हर वर्ष इस दिन उन्हें याद किया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार और भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। निदेशक ने कहा कि नर्सिंग के क्षेत्र में अवसरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन झारखंड में नर्सिंग शिक्षा की फीस अधिक होने और सरकारी नौकरियों की कमी के कारण कई छात्र-छात्राएं दूसरे राज्यों की ओर रुख कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कम वेतन और सीमित अवसरों की वजह से कई छात्र निराश भी हो जाते हैं, लेकिन कॉलेज लगातार उन्हें सही मार्गदर्शन देने का प्रयास कर रहा है ताकि वे अपने लक्ष्य से पीछे न हटें।

कोरोना काल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे, उस समय नर्सें अपने परिवार से दूर रहकर लगातार मरीजों की सेवा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि लगातार 12 से 13 घंटे तक सेवा देना कोई सामान्य बात नहीं है और ऐसी नर्सें वास्तव में सम्मान की हकदार हैं।

कार्यक्रम का समापन सेवा, समर्पण और मानवता के संदेश के साथ हुआ, जहां सभी छात्राओं ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के आदर्शों पर चलने और समाज सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहने का संकल्प लिया।

Ranchi Club Tv
Author: Ranchi Club Tv

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