राँची:- झारखंड की राजधानी रांची में पहली बार “Iris Analysis Technology” को लेकर एक विशेष आयोजन का आयोजन किया जा रहा है, जो बच्चों के मानसिक विकास और व्यवहार को समझने की दिशा में एक नया कदम माना जा रहा है। यह कार्यक्रम World Buddha Foundation में आयोजित होगा और इसमें अभिभावकों के लिए एक अनोखा अनुभव प्रस्तुत किया जाएगा।

आज के समय में जहां हर माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं, वहीं यह तकनीक एक नई उम्मीद के रूप में सामने आ रही है। इस आयोजन में विशेषज्ञ वाणी शुक्ला सिंह ने बताया कि Iris Analysis के माध्यम से आंखों के रंगीन हिस्से यानी ‘आईरिस’ को स्कैन कर व्यक्ति के व्यवहार, सोच और फोकस से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं।
उनके अनुसार, यह तकनीक आधुनिक विज्ञान और मनोविज्ञान के संयोजन पर आधारित है, जो व्यक्ति के personality traits और tendencies को समझने में मदद करती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसे पूरी तरह किसी पारंपरिक पद्धति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे एक सहायक टूल के रूप में समझना ज्यादा उपयुक्त होगा।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि हर बच्चा अपने आप में अलग होता है और उसकी सोच, रुचि और क्षमता भी अलग-अलग होती है। ऐसे में कई बार अभिभावक अपने बच्चों को पूरी तरह समझ नहीं पाते। इस स्थिति में Iris Analysis Technology एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकती है।

इस आयोजन का उद्देश्य केवल तकनीक का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाना भी है, ताकि वे बच्चों के विकास को बेहतर तरीके से समझ सकें और सही दिशा में उनका मार्गदर्शन कर सकें।
विशेषज्ञ वाणी शुक्ला सिंह ने बताया कि अब तक उन्हें इस तकनीक को लेकर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने झारखंड के लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों के साथ इस कार्यक्रम में जरूर शामिल हों और इस नई तकनीक को करीब से समझें।
यह कार्यक्रम 26 अप्रैल 2026 को शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इसमें शामिल होकर अभिभावक और बच्चे दोनों इस तकनीक का अनुभव कर सकते हैं और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।
Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी और जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। किसी भी तकनीक या पद्धति को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित होगा।









