रांची: झारखंड की राजनीति में आज एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी की जनविरोधी नीतियों, अहंकारी कार्यशैली और विचारधारात्मक खोखलेपन से निराश होकर भाजपा नेता एवं प्रदेश कांग्रेस प्रोफेशनल कमिटी के पूर्व अध्यक्ष आदित्य विक्रम जायसवाल ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम को राज्य की सियासत में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस भवन में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल नेता प्रदीप यादव, भारत सरकार के पूर्व मंत्री सुबोधकांत सहाय, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर, रांची महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा, प्रदेश महासचिव आलोक कुमार दूबे एवं मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद आदित्य विक्रम जायसवाल ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा आज सत्ता के नशे में चूर होकर जनता की वास्तविक समस्याओं से पूरी तरह कट चुकी है। उन्होंने कहा, “एक वर्ष के लिए मैं अपने वैचारिक मार्ग से भटक गया था, लेकिन आज कांग्रेस पार्टी में लौटकर मुझे आत्मिक शांति मिली है। हमारी चार पीढ़ियां कांग्रेस की सेवा करती रही हैं, पार्टी से हमारा भावनात्मक और वैचारिक रिश्ता रहा है। आज यह घर वापसी जैसा एहसास है।”
इससे पूर्व रांची विश्वविद्यालय गेट से गाजे-बाजे, नृत्य और जोशीले नारों के साथ आदित्य विक्रम जायसवाल अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस भवन पहुंचे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। मंच पर उन्हें 101 किलो की विशाल माला पहनाकर रांची महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह उत्साहपूर्ण नजर आया।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय पांडे, अभिलाष साहू, राजन वर्मा, डॉ. तोसिफ, शशिभूषण राय, राजीव रंजन प्रसाद, फिरोज़ रिज़वी मुन्ना, सोनाल शांति, जगदीश साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता एवं सांसद शशि थरूर ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से आदित्य विक्रम जायसवाल के कांग्रेस में शामिल होने पर बधाई और स्वागत संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान जेएलकेएम के नेता जवाहरलाल यादव और वीरेंद्र विक्रम ने भी कांग्रेस का दामन थामा। कांग्रेस नेताओं ने इस मौके को संगठन की मजबूती और जनहित की राजनीति को और धार देने वाला कदम बताया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आदित्य विक्रम जायसवाल का कांग्रेस में शामिल होना आगामी दिनों में झारखंड की राजनीति पर दूरगामी असर डाल सकता है।









