रांची: झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता एवं पार्लियामेंट्री बोर्ड सदस्य कैलाश यादव ने मंगलवार को एक तीखे प्रेस बयान के जरिए केंद्र सरकार और लोकसभा अध्यक्ष की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोका जाना लोकतंत्र और संविधान दोनों पर सीधा प्रहार है।
कैलाश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा शासन में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का लगातार उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय परंपराओं के अनुसार नेता सदन (प्रधानमंत्री) और नेता प्रतिपक्ष दोनों को समान सम्मान और अवसर प्राप्त होते हैं, लेकिन वर्तमान में यह परंपरा तोड़ी जा रही है।
यादव ने याद दिलाया कि भाजपा और आरएसएस लंबे समय से “विपक्ष मुक्त भारत” का नारा देते रहे हैं, लेकिन देश की जागरूक जनता ने इस सोच को नकार दिया। उन्होंने कहा कि लगभग 11 वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा कभी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सकी, इसके बावजूद सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर सरकारी मशीनरी के खुले दुरुपयोग, लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक व्यवस्थाओं की अनदेखी का आरोप लगाया। यादव के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री की भूमिका भी तानाशाही प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने वाली रही है।
कैलाश यादव ने यह भी कहा कि 2014–19 और 2019–25 के कार्यकाल में, पर्याप्त संख्या होने के बावजूद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को मान्यता नहीं दी गई, जबकि इतिहास गवाह है कि कम संख्या में होने के बावजूद पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी ने अटल बिहारी वाजपेयी को नेता प्रतिपक्ष का सम्मान दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2025 में तीसरी बार सत्ता में आई एनडीए सरकार लोकतांत्रिक नैतिकता को लगातार कमजोर कर रही है। यादव के मुताबिक, राष्ट्रपति अभिभाषण जैसे अवसरों पर परंपरागत रूप से नेता प्रतिपक्ष को बिना रोक-टोक बोलने का अधिकार रहा है, लेकिन आज सरकार अपनी नाकामियों से घबराकर विपक्ष का सामना करने से बच रही है।
राजद प्रवक्ता ने कहा, “संसदीय व्यवस्था में नेता प्रतिपक्ष ‘शैडो प्रधानमंत्री’ की भूमिका निभाता है। उसकी आवाज दबाना लोकतंत्र की आत्मा को कुचलने जैसा है।” उन्होंने भाजपा पर विपक्षी नेताओं को परेशान करने और सत्ता की भूख में सिद्धांतों से समझौता करने का भी आरोप लगाया।
अंत में, कैलाश यादव ने कहा कि राजद लोकतंत्र, संविधान और संसदीय गरिमा की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा और किसी भी कीमत पर विपक्ष की आवाज को दबने नहीं देगा।
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