अशोक सिंहल जन्म शताब्दी वर्ष पर झारखंड में वर्षभर होंगे धार्मिक, सांस्कृतिक और सेवा कार्यक्रम

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राँची:- श्रद्धेय अशोक सिंहल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद की ओर से झारखंड में पूरे वर्ष विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और सेवा-आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद की ओर से 1 अक्टूबर 2026 को रांची में जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई। संगठन के अनुसार, इस शताब्दी वर्ष के दौरान सेवा कार्यों के विस्तार के साथ-साथ वैदिक शिक्षा, गोरक्षा, धर्मांतरण पर रोक और मंदिरों से जुड़े विषयों को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों को गति दी जाएगी।

विहिप के पूर्व अध्यक्ष एवं आजीवन संरक्षक श्रद्धेय अशोक सिंहल जी का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। संगठन के अनुसार, उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र और धर्म की सेवा के लिए समर्पित किया। वर्ष 1950 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की शिक्षा पूरी करने के बाद वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। इसके बाद उन्होंने विश्व हिंदू परिषद में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। वर्ष 1982 में उन्होंने विहिप के संयुक्त महामंत्री का दायित्व संभाला और बाद में महामंत्री, अध्यक्ष तथा जीवन पर्यंत संरक्षक के रूप में संगठन को दिशा दी।

विश्व हिंदू परिषद के अनुसार, अशोक सिंहल जी ने सामाजिक समरसता, गोरक्षा, धर्मांतरण रोकने तथा वैदिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए वेद विद्यालयों की स्थापना जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाने और समाज के विभिन्न वर्गों को इससे जोड़ने में भी उनकी केंद्रीय भूमिका बताई जाती है। विहिप की ओर से जारी विज्ञप्ति में उनके विचारों और कार्यों को याद करते हुए कहा गया कि उनका विश्वास था कि श्रीराम मंदिर का निर्माण देश के गौरव से जुड़ा विषय है।

झारखंड में होगा शताब्दी समारोह का प्रांतीय उद्घाटन

अशोक सिंहल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के तहत झारखंड में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत एक भव्य प्रांतीय समारोह से होगी। इसके लिए धुर्वा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर को उद्घाटन स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं और सनातन समाज से जुड़े प्रबुद्धजनों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झारखंड प्रांत संघचालक श्री सच्चिदानंद अग्रवाल होंगे। वहीं विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री एवं केंद्रीय विशेष संपर्क प्रमुख तथा पटना क्षेत्र के पालक अधिकारी अम्बरीष मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक कवि एवं गायक पद्मश्री महावीर नायक की भी विशेष उपस्थिति रहेगी।

वर्षभर चलेंगे विभिन्न कार्यक्रम

विश्व हिंदू परिषद के अनुसार, शताब्दी वर्ष को केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे एक वर्ष तक अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन की ओर से सेवा कार्यों के विस्तार, वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने, गोरक्षा, धर्मांतरण पर रोक और मंदिर मुक्ति जैसे विषयों को लेकर गतिविधियों को विशेष गति देने की बात कही गई है। इसके साथ ही अशोक सिंहल जी के जीवन, विचारों और सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में उनके योगदान को समाज तक पहुंचाने के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत के अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी साझा की। उनके साथ झारखंड प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो, महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, प्रांत प्रचार प्रमुख प्रकाश रंजन, अमरनाथ ठाकुर और अनिल तिवारी मौजूद रहे।

विहिप की ओर से कहा गया कि शताब्दी समारोह के माध्यम से श्रद्धेय अशोक सिंहल जी के योगदान का स्मरण किया जाएगा और उनके द्वारा प्रारंभ किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया जाएगा। संगठन के मुताबिक, झारखंड में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

विश्व हिंदू परिषद की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का उद्देश्य अशोक सिंहल जी के जीवन और उनके सामाजिक, धार्मिक एवं संगठनात्मक योगदान को स्मरण करने के साथ उनके विचारों से समाज को अवगत कराना है। आने वाले दिनों में झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों से संबंधित विस्तृत गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।

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Author: Ranchi Club Tv

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