इस अवसर पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए सोशल मीडिया क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स, प्रबुद्ध नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में महोत्सव के चौथे संस्करण की रूपरेखा और आगामी तैयारियों की जानकारी साझा की गई।
4 से 6 दिसंबर तक होगा तीन दिवसीय आयोजन
समिति के अध्यक्ष अनिल उराँव ने बताया कि आदिवासी युवा महोत्सव का चौथा संस्करण 4, 5 और 6 दिसंबर 2026 को रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में आयोजित किया जाएगा। इस तीन दिवसीय आयोजन में झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, असम सहित अन्य राज्यों के आदिवासी युवा और युवतियां भी शामिल होंगे।
आठ आदिम जनजातियों को किया जाएगा सम्मानित
इस बार महोत्सव की एक प्रमुख पहल झारखंड की आठ आदिम जनजातियों को विशेष मंच पर सम्मानित करना है। अध्यक्ष अनिल उराँव ने कहा कि इन समुदायों की पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को उचित सम्मान और मंच देने का प्रयास किया जाएगा।
आदिवासी कला और संस्कृति को मिलेगा मंच
महोत्सव का मुख्य उद्देश्य आदिवासी युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। इसके तहत पारंपरिक लोकगीत, नृत्य, वेशभूषा और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। आयोजकों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से ‘Connect to Culture’ की भावना के साथ यह आयोजन किया जा रहा है।
पारंपरिक खानपान और हस्तशिल्प के लगेंगे स्टॉल
तीन दिवसीय महोत्सव में ट्राइबल कुजीन, पारंपरिक खानपान, सोहराई पेंटिंग, हस्तशिल्प, पारंपरिक वेशभूषा और युवाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य आदिवासी युवाओं की प्रतिभा और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना है।
फैशन शो और रॉक शो भी होंगे आकर्षण
आयोजन में फोक सॉन्ग एंड डांस, फैशन शो, रॉक शो और विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। अध्यक्ष ने रिया तिर्की का उल्लेख करते हुए कहा कि फैशन के क्षेत्र में आदिवासी युवतियों की उपलब्धियां अन्य युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
शिक्षा और सामाजिक विकास पर होगी परिचर्चा
महोत्सव के दौरान आदिवासी समाज की शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल डिस्कशन आयोजित किया जाएगा। इसमें अतिथि अपने विचार साझा करेंगे और युवाओं को सवाल-जवाब के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।
मीडिया और सहयोगियों का जताया आभार
अध्यक्ष अनिल उराँव ने पिछले तीन वर्षों में महोत्सव को पहचान दिलाने में मीडिया, सोशल मीडिया क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और सहयोगियों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बार भी सभी से सहयोग की अपील की।
इस अवसर पर समिति के विपिन टोप्पो, अजीत लकड़ा, अमरनाथ लकड़ा, पंकज भगत, विनोद कच्छप, प्रतीत कच्छप, कृष्णा लकड़ा, आकाश बाड़ा, आमोद भगत, आरती कच्छप, अनु कच्छप, प्रियंका कच्छप, दीपा कच्छप, अंकित एक्का, तुषार गगराई, रोहित लोहरा, गोविंद और अरविंद सहित अन्य सदस्य एवं इन्फ्लुएंसर उपस्थित रहे।









