राँची:- झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित JIASOWA दिवाली मेला 2026 का उद्घाटन मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने किया। झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (JIASOWA) की ओर से आयोजित इस मेले में कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और सामाजिक कल्याण से जुड़े प्रयासों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव ने संगठन की जनकल्याणकारी गतिविधियों की सराहना की और कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल व्यापार या आर्थिक लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों की मदद करना और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना भी है।
उन्होंने यह भी कहा कि दिवाली मेला देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को अपनी कला एवं हुनर प्रदर्शित करने का अवसर देता है। इस प्रकार के आयोजनों से अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और कलात्मक प्रतिभाओं को जानने का मौका मिलता है। साथ ही, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलता है।
चाईबासा, देवघर और दुमका के पुस्तकालयों को 45 लाख रुपये की सहायता
JIASOWA दिवाली मेले के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग की घोषणा की गई। विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने और पुस्तकालयों के विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चाईबासा, देवघर और दुमका के पुस्तकालयों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
प्रत्येक जिले के पुस्तकालय के विकास के लिए 15 लाख रुपये की राशि दी गई। इस प्रकार तीनों जिलों को कुल 45 लाख रुपये की सहायता मिली। इस सहयोग से पुस्तकालयों में अध्ययन की सुविधाओं को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को ज्ञान एवं कौशल विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बेहतर पुस्तकालय सुविधाएं विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती हैं। इससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, नियमित अध्ययन और शैक्षणिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
विशेष बच्चों की शिक्षा और रचनात्मकता के लिए भी सहयोग
मेले के माध्यम से विशेष बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से भी आर्थिक सहायता दी गई। मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों को संगीत शिक्षा प्रदान करने के लिए श्रेयशी बनर्जी को 96 हजार रुपये की सहयोग राशि दी गई।
इसके अतिरिक्त, बच्चों में कला, कल्पनाशीलता और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट के क्षेत्र में स्वास्तिका बनर्जी को भी 96 हजार रुपये प्रदान किए गए। इन पहलों का उद्देश्य बच्चों को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार सीखने तथा आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
शिक्षा, संगीत और कला से जुड़े इन प्रयासों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। मेले में सामाजिक सरोकारों से जुड़ी इन गतिविधियों ने आयोजन के जनकल्याणकारी उद्देश्य को भी रेखांकित किया।
मुख्य सचिव ने पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्था पर दिया जोर
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने आयोजकों से मेले के सफल संचालन के लिए तत्परता, पारदर्शिता और समर्पण के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्टॉल संचालकों, कलाकारों और मेले में आने वाले लोगों के हितों का ध्यान रखना जरूरी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से मेला सफल होगा और यहां आने वाले लोगों को अच्छा अनुभव मिलेगा। उन्होंने JIASOWA से समाजहित में किए जा रहे प्रयासों को निरंतर जारी रखने पर भी जोर दिया।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के स्टॉल पर सरकारी योजनाओं की जानकारी
JIASOWA दिवाली मेले में झारखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी आम लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इसके लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से स्टॉल लगाया गया है। यहां लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ पत्र-पत्रिकाएं निःशुल्क वितरित की जा रही हैं।
इसके अलावा, सरकारी योजनाओं पर आधारित शॉर्ट फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन LED टीवी के माध्यम से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को सरकारी योजनाओं, उनके उद्देश्यों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जागरूक करना है।
बारिश के बावजूद सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखा उत्साह
बारिश के बावजूद मोरहाबादी मैदान में आयोजित दिवाली मेले में लोगों का उत्साह बना रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान सितार और सरोद की जुगलबंदी, सुगम संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक कला और संगीत से सजे कार्यक्रमों ने मेले के माहौल को खास बनाया।
कठपुतली शो भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ भारतीय कला और परंपराओं की झलक देखने का अवसर मिला।
2 नवंबर की जगह अब 3 नवंबर को होगा मेले का समापन
मौसम की स्थिति और बारिश की संभावना को देखते हुए JIASOWA दिवाली मेला 2026 के समापन की तारीख में बदलाव किया गया है। JIASOWA की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति कुमार ने जानकारी दी कि पहले मेले का समापन 2 नवंबर को होना था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 नवंबर 2026 कर दिया गया है।
समापन की तारीख बदलने का एक प्रमुख उद्देश्य मेले में शामिल वेंडर्स को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाना भी है। इस निर्णय से स्टॉल संचालकों और अन्य प्रतिभागियों को अपना कारोबार जारी रखने के लिए एक अतिरिक्त दिन मिलेगा।
कुल मिलाकर, JIASOWA दिवाली मेला 2026 खरीदारी, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शिक्षा एवं सामाजिक कल्याण से जुड़ी पहलों को भी सामने ला रहा है। पुस्तकालयों के विकास और विशेष बच्चों की शिक्षा के लिए दिया गया सहयोग इस आयोजन के सामाजिक महत्व को दर्शाता है।









