- रांची
प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड की महागठबंधन सरकार जनाकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली को लागू करना जनजातीय समाज के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिससे ग्रामसभा और स्थानीय स्वशासन को मजबूती मिली है। - शनिवार को जारी प्रेस बयान में कैलाश यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हॉकी खिलाड़ी एवं झारखंड आंदोलन के महानायक मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा तथा भारत की प्रथम महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर पेसा नियमावली लागू कर सरकार ने जनजातीय समाज से किया गया वादा निभाया है।
- उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य गठन के बाद लंबे समय तक सत्ता में रही भाजपा, आजसू और जदयू सहित एनडीए सरकारों ने पेसा कानून को लेकर कभी गंभीर पहल नहीं की। उनके अनुसार, इस दौरान जनजातीय समाज को केवल आश्वासन देकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया गया।
- राजद प्रवक्ता ने कहा कि पेसा नियमावली लागू होने से ग्रामसभाओं को जल, जंगल, जमीन, लघु वनोपज, खनिज संसाधनों और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने के अधिकार प्राप्त हुए हैं। इससे कई जिलों में जनजातीय स्वशासन को मजबूती मिली है।
- कैलाश यादव ने कहा कि ग्रामसभा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य शिक्षा, जनजातीय शिक्षा और तकनीकी शिक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे झारखंड राज्य सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा
- अंत में राजद की ओर से मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा और सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।









