राँची:- झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हैदराबाद के प्रतिष्ठित यशोदा हॉस्पिटल्स ने फेफड़ों की गंभीर बीमारियों के आधुनिक उपचार और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों की विस्तृत जानकारी साझा की। इस अवसर पर अस्पताल के प्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से अब जटिल श्वसन संबंधी रोगों का बेहतर और प्रभावी उपचार संभव हो रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यशोदा हॉस्पिटल्स के डिप्टी जनरल मैनेजर (मार्केटिंग) उदय भास्कर एनवीएस तथा मैनेजर (मार्केटिंग) सत्यजीत रॉय ने कहा कि यशोदा हॉस्पिटल्स हैदराबाद की अग्रणी मल्टी-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य संस्थाओं में से एक है। यहां मरीजों को आधुनिक चिकित्सा तकनीक, रोबोटिक सर्जरी, एडवांस ट्रांसप्लांट प्रोग्राम, हाई-एंड डायग्नोस्टिक सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस दौरान ट्रांसप्लांट पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. तपस्वी कृष्णा कट्रागडा ने फेफड़ों की गंभीर बीमारियों के उपचार में हो रहे नवीनतम विकास पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट, ECMO (Extracorporeal Membrane Oxygenation) सपोर्ट, रीजेनरेटिव मेडिसिन तथा मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्रांसप्लांट प्रोग्राम जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के महत्व को रेखांकित किया।
डॉ. कट्रागडा ने बताया कि आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञों की टीम के समन्वित प्रयासों से कई जटिल फेफड़ों की बीमारियों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है। उन्होंने समय पर जांच, सही निदान और विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह को गंभीर श्वसन रोगों के उपचार में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
अस्पताल के प्रतिनिधियों ने कहा कि यशोदा हॉस्पिटल्स का उद्देश्य केवल अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना भी है। इसी दिशा में पूर्वी भारत, विशेषकर झारखंड के मरीजों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पताल लगातार प्रयासरत है।
कार्यक्रम के अंत में यशोदा हॉस्पिटल्स ने झारखंड और पूर्वी भारत के मरीजों के लिए विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने तथा उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अस्पताल ने विश्वास व्यक्त किया कि आधुनिक तकनीकों और अनुभवी विशेषज्ञों के सहयोग से मरीजों को बेहतर उपचार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।








