राँची
जगरनाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मौसीबाड़ी खटाल से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशीका का तीन दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रशासन की सुस्त कार्यशैली को लेकर यादव समाज, स्थानीय बस्तीवासियों एवं सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
सोमवार को मौसीबाड़ी खटाल में एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसकी अगुवाई अपहृत बच्चों के पिता सुनील यादव के आग्रह पर की गई। बैठक में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
बैठक में विशेष रूप से मौजूद प्रदेश राजद प्रवक्ता एवं बलराम कृष्ण कल्याण समिति यादव समाज के मुख्य संरक्षक कैलाश यादव ने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है कि एक गरीब गोपालक के दो मासूम बच्चे दिनदहाड़े गायब हो जाते हैं और प्रशासन अब तक ठोस परिणाम देने में विफल रहा है।
कैलाश यादव ने कहा कि सुनील यादव झोपड़ी में रहने वाले एक गरीब व्यक्ति हैं, इसी कारण प्रशासन की कार्रवाई में गंभीरता नहीं दिख रही है। यदि यही घटना किसी उद्योगपति या वीवीआईपी परिवार के साथ हुई होती, तो शासन-प्रशासन का पूरा तंत्र तुरंत सक्रिय हो जाता।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विगत वर्ष रांची के प्रसिद्ध व्यवसायी पंजाब स्वीट हाउस परिवार के लव भाटिया के अपहरण मामले में प्रशासन ने महज 8 घंटे में बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था, जबकि यहां तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस परिणाम नहीं है।
बैठक के दौरान कैलाश यादव ने रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन से टेलीफोन पर बातचीत कर पुलिसिया कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया और प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि तय समय सीमा में बच्चों की सकुशल वापसी नहीं होती है, तो जनसमूह आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कल दोपहर 12 बजे धुर्वा स्थित शहीद शेख भिखारी चौक (शहीद मैदान) में शांतिपूर्ण विशाल धरना आयोजित किया जाएगा, जहां आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी।
इस धरना-प्रदर्शन में जगन्नाथपुर, धुर्वा, हटिया, बिरसा चौक, हिनू, डोरंडा, हरमू सहित अन्य क्षेत्रों से महिला, युवा एवं पुरुष बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

बैठक में गौरीशंकर यादव, मिंटू पासवान, किशन राम, परमेश्वर सिंह, नंदन यादव, बबन यादव, संजीत यादव, मनीष कुमार, उमेश यादव, राहुल यादव, अजय राय, अरविंद राय, बिजेंद्र राय, हरेंद्र राय, रविंद्र राय, शंकर यादव, सत्यप्रकाश राय, चंदन यादव, विनोद राय सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।









