रांची:
आलोक कुमार दुबे ने कहा कि देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री दावोस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाते हैं, ताकि अपने-अपने राज्यों के लिए निवेश, रोजगार और विकास के नए अवसर तलाशे जा सकें। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी झारखंड के युवाओं के लिए रोजगार, विदेशी निवेश, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और सस्टेनेबल एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं, जो राज्य के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बाबूलाल मरांडी का बयान राजनीति से प्रेरित और नकारात्मक सोच का परिणाम है। जब सरकार राज्य को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रयास कर रही है, तब विपक्ष केवल झारखंड की छवि खराब करने और मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने की कोशिश में लगा है।
आलोक कुमार दुबे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अपने शासनकाल में किए गए एमओयू (MoU) की सूची तो गिनाती है, लेकिन उनके जमीनी परिणाम क्या निकले—यह जनता जानती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “एक चम्मच, कटोरी और प्लेट बनाने तक की भी कोई ठोस इंडस्ट्री राज्य में नहीं बैठ पाई।”
उन्होंने यह भी कहा कि बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में “हाथी उड़ाने” जैसी बातें अधिक देखने को मिलीं, जबकि जमीनी विकास उतना नहीं हुआ। कांग्रेस महासचिव के अनुसार, भाजपा की “गंदी और नकारात्मक राजनीति” ही आज उसके लिए नुकसान का कारण बन रही है और जनता अब झूठे दावों व आरोपों पर भरोसा नहीं करती।
आलोक कुमार दुबे ने विश्वास जताया कि आने वाले नगर निकाय चुनाव में जनता भाजपा को “उसकी असलियत और औकात” दिखा देगी। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता विकास, रोजगार और सकारात्मक राजनीति के साथ है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।









