राँची:- छाती एवं फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों की जांच को अधिक सटीक और आधुनिक बनाने की दिशा में रांची की छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अत्रि गंगोपाध्याय लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने फेफड़ों की जांच की आधुनिक तकनीक ऑसिलोमेट्री (Oscillometry) को झारखंड में सबसे पहले लाने की जानकारी दी है।
हाल ही में राजस्थान में आयोजित छाती रोग विशेषज्ञों के राज्य स्तरीय सम्मेलन राजस्थान स्टेट कॉन्फ्रेंस में डॉ. अत्रि गंगोपाध्याय को विशेष गेस्ट फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया गया। सम्मेलन में उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों के समक्ष ऑसिलोमेट्री तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. गंगोपाध्याय ने सम्मेलन के दौरान इस क्षेत्र में प्राप्त अपनी ट्रेनिंग और अनुभव को भी चिकित्सकों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से फेफड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर तरीके से समझने और मरीजों की जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
इस राज्य स्तरीय सम्मेलन में राजस्थान के करीब 200 छाती रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। झारखंड जैसे अपेक्षाकृत नए राज्य से किसी चिकित्सक को इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में गेस्ट फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया जाना राज्य के लिए भी गौरव की बात रही। सम्मेलन के दौरान डॉ. गंगोपाध्याय को सम्मानित भी किया गया।
डॉ. गंगोपाध्याय ने कहा कि उनका प्रयास है कि रांची और झारखंड में मरीजों को फेफड़ों एवं छाती से संबंधित बीमारियों की आधुनिक जांच और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उनके अनुसार चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाकर मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में झारखंड का नाम देशभर में और आगे ले जाना है। ऑसिलोमेट्री जैसी आधुनिक तकनीक को राज्य में बढ़ावा देने की पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









