राँची:- झारखंड में अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने राजेश कुमार सिंह को झारखंड प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को रांची के बिरसा चौक, स्टेशन रोड स्थित होटल पार्क इन में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया गया।
लगन, निष्ठा और कार्यकुशलता को देखते हुए मिली जिम्मेदारी
अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव एवं झारखंड प्रभारी सुनील कुमार सिंह और प्रदेश संरक्षक रामेश्वर दयाल सिंह ने कहा कि राजेश सिंह की संगठन के प्रति लगनशीलता, कार्यकुशलता, अनुशासन और निष्ठा को देखते हुए उन्हें झारखंड प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक राजेश सिंह से उम्मीद है कि वह झारखंड में मोर्चा को जमीनी स्तर पर मजबूत करेंगे और अधिक से अधिक सक्रिय लोगों को संगठन से जोड़ेंगे। नेताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
राजेश सिंह का बड़ा संकल्प—‘हर घर तक पहुंचाएंगे आवाज’
प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद राजेश सिंह ने केंद्रीय कमेटी के प्रति आभार जताया। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव सिंह, राष्ट्रीय सचिव एवं झारखंड प्रभारी सुनील कुमार सिंह, प्रदेश संरक्षक रामेश्वर दयाल सिंह और केंद्रीय कमेटी के सभी पदाधिकारियों का धन्यवाद किया।
राजेश सिंह ने कहा कि जिस आशा, विश्वास और उम्मीद के साथ उन्हें झारखंड प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उस पर खरा उतरने की वह पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन से सक्रिय लोगों को जोड़कर मोर्चा को मजबूत किया जाएगा और सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज के हित से जुड़े मुद्दों को लेकर वह झारखंड के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। उनके बयान से साफ है कि नई जिम्मेदारी के साथ संगठन को जमीनी स्तर पर विस्तार देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
आरक्षण पर भी मुखर हुआ मोर्चा, आर्थिक आधार की मांग
सम्मान समारोह के दौरान संगठन के नेताओं ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी अपनी मांग रखी। सुनील कुमार सिंह ने कहा कि सवर्ण मोर्चा आरक्षण समाप्त करने की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति को बनाने की मांग कर रहा है।
उनका कहना है कि हर समाज में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोग मौजूद हैं। ऐसे में संगठन की मांग है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उनकी जरूरत के आधार पर आरक्षण और अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत और कायस्थ समेत विभिन्न समाजों में मौजूद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का हवाला देते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाई।
हालांकि, आरक्षण व्यवस्था और इससे जुड़े विभिन्न संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों को लेकर संगठन की ओर से व्यक्त विचारों को संगठन की मांग और राजनीतिक-सामाजिक राय के रूप में देखा जाना चाहिए।
‘हम किसी समाज के विरोध में नहीं’
सुनील कुमार सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा किसी दूसरे समाज के अधिकारों का विरोध नहीं करता। उन्होंने कहा कि संगठन की मांग है कि आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवारों को भी समान अवसर मिले।
उन्होंने संविधान में समानता के अधिकार का हवाला देते हुए कहा कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के साथ अवसरों के स्तर पर समानता होनी चाहिए। उनके मुताबिक संगठन इसी मुद्दे को लेकर अपनी आवाज मजबूती से उठाता रहेगा।
चार समाजों को एक मंच पर लाने की कवायद
सुनील कुमार सिंह ने कहा कि क्षत्रिय, भूमिहार, ब्राह्मण और कायस्थ समाज के अपने-अपने संगठन हैं और वे अपने स्तर पर काम करते रहेंगे, लेकिन साझा मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग संगठनों के बावजूद यदि समाज से जुड़े साझा मुद्दों पर सामूहिक रूप से आवाज उठाई जाती है तो उसका प्रभाव ज्यादा व्यापक हो सकता है। इसी दिशा में सवर्ण मोर्चा संगठन को मजबूत करने की तैयारी में जुटा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव सिंह ने फोन पर दी बधाई
अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव सिंह ने दूरभाष के माध्यम से राजेश सिंह को झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सफल कार्यकाल की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि राजेश सिंह झारखंड में संगठन को मजबूती देने का काम करेंगे।
राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से राजेश सिंह के लिए शुभकामना व्यक्त की गई कि वह झारखंड में संगठन के लिए प्रभावी नेतृत्व के रूप में उभरें।
बीएल संतोष से मुलाकात का भी जिक्र
कार्यक्रम के दौरान सुनील कुमार सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात को लेकर भी जानकारी साझा की। उनके मुताबिक मुलाकात के लिए बुलाए जाने की बात सामने आई है, हालांकि मुलाकात की तारीख और समय अभी निर्धारित नहीं हुआ है।
सुनील कुमार सिंह ने इसे संगठन की आवाज ऊपर तक पहुंचने के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। हालांकि, मुलाकात का समय निर्धारित होने की पुष्टि अभी बाकी है।
राजेश सिंह के सामने बड़ी जिम्मेदारी
प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही अब राजेश सिंह के सामने झारखंड में संगठन का विस्तार करने और इसे जमीनी स्तर पर मजबूत करने की चुनौती है। संगठन की ओर से सक्रिय लोगों को जोड़ने, समाज के मुद्दों को उठाने और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करने की बात कही गई है।
राजेश सिंह ने भी साफ किया है कि वह संगठन की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत करेंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में झारखंड में सवर्ण मोर्चे की गतिविधियां किस तरह आगे बढ़ती हैं और आरक्षण समेत दूसरे मुद्दों पर संगठन कितना प्रभावी अभियान खड़ा कर पाता है, इस पर नजर रहेगी।
सैकड़ों लोगों ने दी बधाई
राजेश सिंह को झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सूर्यमणि सिंह, भोला झा, रंजन झा, गुंजन झा, विकास सिंह, धनंजय सिंह, गुंजन सिंह, रवि कुमार सिंह, धर्मवीर, छोटू सिंह, मनोज मिश्रा, कमल ठाकुर, विशाल सिंह, पिंटू कुमार सिंह, सुशील सिंह, राज सिंह, अंश कुमार, सच्चिदानंद तिवारी, संतोष सिंह, अभिषेक मिश्रा, अशोक दुबे, सुशील दुबे, शिव शंकर शर्मा, यश सिंह परमार और रेनू दुबे सहित सैकड़ों लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दीं।
कुल मिलाकर, राजेश सिंह की नियुक्ति के साथ अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा ने झारखंड में संगठन को नई दिशा देने का संकेत दिया है। अब नई प्रदेश टीम के सामने संगठन के विस्तार के साथ-साथ सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज को कितनी मजबूती से जनता और सरकार तक पहुंचाने की चुनौती होगी।









