राँची:- राँची के सेक्टर-1, धुर्वा स्थित YBN पब्लिक स्कूल में कृष्ण छठी महोत्सव का आयोजन श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के बीच किया गया। विद्यालय परिसर में सजे मंच पर जब नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी राधा-कृष्ण के मनमोहक रूप में पहुंचे तो पूरा माहौल भक्तिमय होने के साथ-साथ उत्साह और उमंग से भर उठा। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों, अतिथियों और विद्यालय परिवार का मन मोह लिया।
नन्हे कलाकारों ने दिखाई कृष्ण की बाल लीलाओं की झलक
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के बाल रूप, राधा-कृष्ण की लीलाओं और कृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया। नृत्य, गीत, संवाद और अभिनय से सजी प्रस्तुतियों में बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और अनुशासन साफ नजर आया। कुछ ही मिनटों की इन प्रस्तुतियों के पीछे विद्यार्थियों और शिक्षकों की कई दिनों की मेहनत रही, जिसकी अतिथियों और अभिभावकों ने जमकर सराहना की।
शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति पर जोर
YBN Group of Institutions के प्रमुख डॉ. रामजी यादव ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल बच्चों को अकादमिक रूप से आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि YBN संस्थानों में शिक्षा के साथ भारतीय मूल्यों को भी महत्व दिया जाता है। कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर 151 लीटर दूध से खीर तैयार कर विद्यार्थियों और आम लोगों के बीच वितरित करने की भी व्यवस्था की गई।
डॉ. यादव ने कहा कि विद्यालय का प्रयास ऐसे परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जो महंगे विद्यालयों की फीस वहन करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय में करीब दो हजार विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और पढ़ाई के साथ खेल, योग तथा अन्य गतिविधियों में भी बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।
‘शिक्षा के साथ अच्छे इंसान बनना भी जरूरी’
YBN Group की डायरेक्टर डॉ. अंकिता यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में नैतिक मूल्यों और जीवन के महत्वपूर्ण सिद्धांतों को विकसित करने का माध्यम हैं। श्रीकृष्ण के संदेशों से बच्चों को मन पर नियंत्रण, असफलता से निराश न होने और सफलता मिलने पर अहंकार से बचने जैसी सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई से बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर या अन्य पेशेवर बन सकते हैं, लेकिन संस्कार और नैतिक मूल्य उन्हें एक अच्छा इंसान बनाते हैं।
‘विद्यालय केवल पढ़ाई की जगह नहीं, व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र’
विद्यालय की प्राचार्या डॉ. चाँदनी नाथ ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को अकादमिक शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि मंच पर दिखाई देने वाली कुछ मिनटों की प्रस्तुति के पीछे विद्यार्थियों और शिक्षकों की कई दिनों की मेहनत होती है। कार्यक्रम की सफलता और लोगों की सराहना बच्चों के उत्साह को और बढ़ाती है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ऐसे आयोजनों को लेकर हमेशा उत्साहित रहते हैं और कई बार बच्चे स्वयं आगे बढ़कर कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय का इसी तरह सहयोग करते रहने और बच्चों को प्रोत्साहित करने की अपील की।
अतिथियों ने की बच्चों की प्रतिभा की सराहना
YBN University के Vice Chancellor प्रो. सत्यदेव प्रसाद ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां भारत की ज्ञान, भक्ति और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और विद्यालय स्तर से ही उनमें सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास किया जाना जरूरी है। ऐसे आयोजन बच्चों में प्रतिभा के साथ एकता, प्रेम और सामाजिक सद्भाव की भावना को भी मजबूत करते हैं।
आकाशवाणी के पूर्व कार्यक्रम Adjudicator श्री मनोज कुमार ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में विद्यार्थियों द्वारा श्रीकृष्ण के बाल रूप और लीलाओं की शानदार प्रस्तुति बेहद सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
वार्ड 41 की पार्षद श्रीमती नीलम चौधरी ने कहा कि बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना आज के समय की जरूरत है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को समय देने, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने तथा उनमें अच्छे संस्कार विकसित करने की अपील की।
वहीं वार्ड 37 के पार्षद श्री परमेश्वर सिंह ने कृष्ण छठी महोत्सव को बच्चों को भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने वाली अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में ऐसे आयोजन नियमित रूप से होने चाहिए, ताकि नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और संस्कारों से परिचित हो सके।
सांस्कृतिक रंग में रंगा YBN पब्लिक स्कूल
कृष्ण छठी महोत्सव के दौरान विद्यालय परिसर भक्ति गीतों, संगीत और बच्चों की प्रस्तुतियों से गूंजता रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देने के साथ-साथ अभिभावकों और अतिथियों को भी भारतीय संस्कृति की खूबसूरती से रूबरू कराया।
पूरे आयोजन में एक बात साफ नजर आई—शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। जब शिक्षा के साथ संस्कार, संस्कृति, खेल, कला और आत्मविश्वास को जोड़ा जाता है, तो बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। YBN पब्लिक स्कूल का कृष्ण छठी महोत्सव इसी सोच और सकारात्मक ऊर्जा का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।









