पारस एचइसी हॉस्पिटल में दो जटिल रोबोटिक कैंसर सर्जरी सफल, बच्चेदानी और निचले मलाशय के कैंसर का हुआ उपचार

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राँची:- झारखंड के चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। पारस एचइसी हॉस्पिटल, रांची में लगातार दो जटिल रोबोटिक कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। हॉस्पिटल के अनुसार, इन सर्जरी में बच्चेदानी के कैंसर और निचले मलाशय के कैंसर का उपचार शामिल है। हॉस्पिटल ने इसे झारखंड में आधुनिक रोबोटिक कैंसर सर्जरी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

दोनों जटिल सर्जरी का नेतृत्व सर्जिकल ऑन्कोलॉजी कन्सलटेंट डॉ. अभिनव शेखर ने किया। वहीं, जीआई सर्जन कन्सलटेंट डॉ. नवीन कुमार ने सर्जरी में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

बच्चेदानी के कैंसर की रोबोटिक सर्जरी

पहली सर्जरी बच्चेदानी के कैंसर से पीड़ित महिला मरीज की की गई। रोबोटिक तकनीक के माध्यम से कम चीरा लगाकर सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। हॉस्पिटल के अनुसार, सर्जरी के बाद मरीज की स्वास्थ्य लाभ प्रक्रिया बेहद तेज रही। महज 36 घंटे के भीतर मरीज स्वयं चलने-फिरने की स्थिति में आ गईं और उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

निचले मलाशय के कैंसर की जटिल सर्जरी

इसके बाद निचले मलाशय के कैंसर से पीड़ित एक अन्य महिला मरीज की जटिल रोबोटिक सर्जरी की गई। मरीज पहले ही कीमोथेरेपी और विकिरण चिकित्सा प्राप्त कर चुकी थीं। कीमोथेरेपी और विकिरण चिकित्सा के बाद निचले मलाशय के कैंसर की सर्जरी तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।

इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को डॉ. अभिनव शेखर और उनकी विशेषज्ञ रोबोटिक शल्य चिकित्सा टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। हॉस्पिटल के अनुसार, रोबोटिक तकनीक के कारण मरीज का स्वास्थ्य लाभ तेजी से हुआ और उन्हें सर्जरी के चौथे दिन स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

जटिल सर्जरी में रोबोटिक तकनीक की भूमिका

डॉ. अभिनव शेखर ने कहा कि झारखंड में लगातार दो जटिल रोबोटिक कैंसर सर्जरी का सफलतापूर्वक किया जाना हमारे लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक तकनीक के माध्यम से जटिल सर्जरी में बेहतर दृश्यता और अधिक सटीकता के साथ काम करने में सहायता मिलती है।

उन्होंने कहा कि प्रयास है कि झारखंड के मरीजों को अत्याधुनिक कैंसर शल्य चिकित्सा की सुविधा अपने ही राज्य में उपलब्ध हो और उन्हें उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम हो।

विशेषज्ञों ने बताया टीमवर्क को महत्वपूर्ण

डॉ. नवीन कुमार ने कहा कि कीमोथेरेपी और विकिरण चिकित्सा के बाद निचले मलाशय के कैंसर की सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञों की समन्वित टीम और आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा करना पूरी टीम के लिए संतोष की बात है।

झारखंड में आधुनिक कैंसर सर्जरी की दिशा में कदम

फैसेलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि पारस हॉस्पिटल में दो जटिल रोबोटिक कैंसर सर्जरी की सफलता झारखंड में आधुनिक रोबोटिक कैंसर शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में इस तरह की अत्याधुनिक सुविधा की उपलब्धता से कैंसर मरीजों को बेहतर उपचार के विकल्प अब अपने ही राज्य में मिल रहे हैं।

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Author: Ranchi Club Tv

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