राँची:- प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने एमएमडीआर संशोधन कानून 2026 को झारखंड के आर्थिक अधिकारों और भविष्य पर गंभीर हमला बताया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड की खनिज संपदा और राजस्व अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि जिस राज्य की धरती ने देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, आज उसी झारखंड के खनिज संसाधनों और राजस्व अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू के मार्गदर्शन में कांग्रेस पार्टी इस कानून का मजबूती के साथ व्यापक विरोध करेगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे झारखंड के अधिकार और जनता के भविष्य की लड़ाई बनाएगी। जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद आगामी 7 सितंबर को राजभवन के समक्ष विशाल रैली एवं प्रदर्शन किया जाएगा।
दूबे ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू विभिन्न सांगठनिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए 30 अगस्त को रांची पहुंच रहे हैं। अपने प्रवास के दौरान वे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। साथ ही एमएमडीआर संशोधन कानून के खिलाफ चलाए जाने वाले आंदोलन की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे।
खनिज अधिकारों को लेकर कांग्रेस का आंदोलन
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा केवल दिल्ली के फैसलों का विषय नहीं है, बल्कि यह राज्य की जनता के अधिकार, रोजगार, विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने कहा कि झारखंड ने दशकों से देश को कोयला, लौह अयस्क और अन्य बहुमूल्य खनिज दिए हैं। खनिज संपदा के दोहन का खामियाजा राज्य के गांवों, जंगलों और विस्थापित परिवारों ने भुगता है। ऐसे में खनिज से मिलने वाले राजस्व और राज्य के अधिकारों को कमजोर किया जाता है तो यह झारखंड के साथ दोहरा अन्याय होगा।
दूबे ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि जब झारखंड की धरती से खनिज निकलेगा तो उसके राजस्व और अधिकारों पर पहला हक झारखंड की जनता का क्यों नहीं होना चाहिए। उन्होंने भाजपा से यह भी पूछा कि खनिज संपदा से समृद्ध राज्य आज भी बेरोजगारी, विस्थापन और पिछड़ेपन से क्यों जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल, जंगल, जमीन और खनिज पर झारखंड के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू के मार्गदर्शन में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांव से लेकर जिला मुख्यालय और राजधानी तक इस कानून के खिलाफ जनमत तैयार करेंगे।
“यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई है। भाजपा झारखंड को कमजोर करने की जितनी कोशिश करेगी, कांग्रेस उतनी ही ताकत के साथ उसके खिलाफ खड़ी होगी।”
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस का आंदोलन और व्यापक एवं निर्णायक होगा। उन्होंने कहा कि 7 सितंबर को राजभवन के समक्ष होने वाला प्रदर्शन केंद्र सरकार को झारखंड की जनता की आवाज सुनाने का बड़ा संदेश देगा।









