महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह के नेतृत्व में महिला मोर्चा की सदस्यों ने जवानों को अपना भाई मानकर उनकी कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। घर और परिवार से दूर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाई रक्षाबंधन के दिन सूनी न रहे, इसी भावना के साथ महिलाएं बहन बनकर जवानों के बीच पहुंचीं।

जवानों के लिए राखी बनी अपनापन और सम्मान का संदेश
कार्यक्रम के दौरान महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह ने कहा कि जवान चौबीसों घंटे देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं और अपने परिवार से दूर रहते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन उनकी कलाई पर राखी बांधना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की बहनों का प्रयास है कि जवानों को अपनी बहनों की कमी कुछ कम महसूस हो और उनका मनोबल बढ़े।
वहीं, सीआरपीएफ जवान ओंकार ने महिला मोर्चा की सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि वे अपने घर और परिवार से दूर हैं, लेकिन बहनों ने उन्हें अपना भाई समझकर उनकी कलाई सूनी नहीं रहने दी। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल जवानों का मनोबल बढ़ाती है और वे पूरी ऊर्जा के साथ देश सेवा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।

हर साल जवानों के बीच राखी बांधने का संकल्प
रांची जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष पायल सोनी ने कहा कि जवान अपने मां-बाप और परिवार से दूर रहकर देशवासियों की सुरक्षा में तैनात हैं। इसलिए उनका भी फर्ज है कि रक्षाबंधन के दिन जवान भाइयों की कलाई सूनी न रहने दें। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की बहनें हर साल इसी तरह जवानों के बीच पहुंचकर रक्षाबंधन मनाती रहेंगी।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री सह वार्ड पार्षद नीलम चौधरी ने कहा कि जवान अपनी बहनों से दूर हैं और उनकी कमी कोई पूरी नहीं कर सकता। लेकिन बहन बनकर जवानों के बीच पहुंचना और रक्षा सूत्र बांधना अपनेपन का संदेश है। उन्होंने सभी जवानों के स्वस्थ, सुरक्षित और दीर्घायु रहने की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान जवानों और महिला मोर्चा की सदस्यों के बीच भावनात्मक माहौल देखने को मिला। राखी के इस धागे ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देश की रक्षा में तैनात जवान भले ही अपने परिवार से दूर हों, लेकिन देश उनके साथ खड़ा है।

रक्षाबंधन का यह आयोजन सिर्फ एक त्योहार मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जवानों के त्याग, समर्पण और राष्ट्र सेवा के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम बना।









