राँची:- झारखंड की राजधानी रांची में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) समुदायों के संवैधानिक अधिकारों और जमीनी चुनौतियों पर केंद्रित एक विशेष राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित होने जा रही है। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम 14 मार्च 2026, शनिवार को नए विधानसभा परिसर के सभागार में आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, यह मंच नीति निर्माताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विधि विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों को एक साथ लाकर ठोस समाधान खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने भी इस कार्यक्रम को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए अधिकाधिक भागीदारी की अपील की है।
चर्चा के लिए प्रस्तावित प्रमुख मुद्दे
- संवैधानिक सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन में कमी
- भूमि हस्तांतरण (एलियनेशन) और आदिवासी भूमि कानूनों का उल्लंघन — CNT Act, SPT Act और PESA
- सरकारी सेवाओं एवं निर्णय-प्रक्रिया में आदिवासियों का अल्प प्रतिनिधित्व
- शिक्षा क्षेत्र में उच्च ड्रॉपआउट दर और गुणवत्ता में अंतर
- आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार और न्याय वितरण प्रणाली की कमजोरी
- विकास परियोजनाओं का आदिवासी आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव
- विस्थापन और मानव तस्करी की बढ़ती समस्या
- वन अधिकार अधिनियम (FRA) का धीमा और चुनिंदा कार्यान्वयन
- स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े खराब संकेतक
- अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग की भूमिका — राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर (अनुच्छेद 338 (ए))
- भाषाई एवं सांस्कृतिक संरक्षण
- समता जजमेंट का प्रभावी क्रियान्वयन
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन मुद्दों पर ठोस रणनीति बनती है तो झारखंड सहित देशभर के SC/ST समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल सकती है।









