राँची:- झारखण्ड की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, पुलिसिंग मॉडल और आधुनिक अनुसंधान प्रणाली को समझने के उद्देश्य से राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (NDC) के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को झारखण्ड पुलिस मुख्यालय, रांची का दौरा किया। इस दौरान पुलिस मुख्यालय सभागार में राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ एक औपचारिक शिष्टाचार मुलाकात एवं विस्तृत विचार–विमर्श का आयोजन किया गया। बैठक के प्रारंभ में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
मुलाकात के दौरान झारखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों, नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस की रणनीति और आधुनिक तकनीक के उपयोग से अपराध नियंत्रण के तरीकों की जानकारी साझा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि किस प्रकार राज्य पुलिस कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष बलों और तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर रही है।
बैठक में झारखण्ड पुलिस की प्रमुख इकाइयों जैसे एटीएस, एसटीएफ (झारखण्ड जगुआर), जैप, आईआरबी, सीआईडी, साइबर अपराध शाखा और एएचटीयू की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन इकाइयों के माध्यम से संगठित अपराध, आतंकवादी गतिविधियों, मानव तस्करी और साइबर फ्रॉड जैसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

विशेष रूप से साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर विकसित किए गए ‘प्रतिबिंब’ ऐप की जानकारी प्रतिनिधिमंडल के सामने प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह ऐप आम नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया अपराध और डिजिटल लेनदेन से जुड़े मामलों की शिकायत दर्ज कराने में सहायता करता है तथा इससे पुलिस को त्वरित कार्रवाई में भी मदद मिलती है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों और देशों के लिए भी उपयोगी मॉडल बताया।
इस अवसर पर झारखण्ड पुलिस की ओर से पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा प्रभात कुमार, पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण ए. विजयालक्ष्मी, पुलिस महानिरीक्षक अभियान डॉ. माइकलराज एस., पुलिस महानिरीक्षक मानवाधिकार क्रांति कुमार गड़िदेशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं एनडीसी प्रतिनिधिमंडल में मेजर जनरल हरतेज सिंह बजाज, ब्रिगेडियर सुरवीर सिंह तथा अन्य पदाधिकारी शामिल थे। इसके अलावा विभिन्न देशों से आए ब्रिगेडियर जनरल और कर्नल स्तर के सैन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने झारखण्ड पुलिस द्वारा अपनाए जा रहे सामुदायिक पुलिसिंग मॉडल, ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, सूचना तंत्र के विस्तार और प्रशिक्षण प्रणाली में किए जा रहे सुधारों में भी गहरी रुचि दिखाई। अधिकारियों ने बताया कि किस प्रकार समय-समय पर आधुनिक हथियारों, तकनीकी उपकरणों और साइबर विशेषज्ञता के जरिए पुलिस बल को सशक्त किया जा रहा है, ताकि बदलते अपराध स्वरूपों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
बैठक के समापन पर दोनों पक्षों ने इस प्रकार के संवाद को भविष्य में भी जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। झारखण्ड पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधिमंडलों के साथ अनुभव साझा करने से सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है। वहीं एनडीसी सदस्यों ने झारखण्ड पुलिस की कार्यशैली, अनुशासन और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए राज्य की सुरक्षा तैयारियों को सराहा।
कार्यक्रम के अंत में मीडिया सेल, पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड की ओर से जानकारी दी गई कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से न केवल रणनीतिक समझ बढ़ती है बल्कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग को भी बल मिलता है।









