पलामू जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आबून एवं बनरचुआं के जंगली इलाके में स्थित वन भूमि पर अवैध रूप से की जा रही अफीम/पोस्ता की खेती के विरुद्ध 30 जनवरी 2026 को विशेष संयुक्त अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में पुलिस और वन विभाग की टीमों ने मिलकर करीब आठ एकड़ क्षेत्र में फैली अवैध फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
इस संयुक्त अभियान में पांकी थाना के पदाधिकारी, ताल पिकेट के अधिकारी, दोनों इकाइयों के जवान तथा वन विभाग की टीम शामिल रही। सभी ने समन्वय के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। फसल नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार अंजाम दिया गया और सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी गई।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस अवैध खेती में शामिल लोगों की पहचान और पता सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है कि किसके द्वारा वन भूमि पर इस प्रकार की गैरकानूनी खेती की जा रही थी। दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ वन अधिनियम सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत वन वाद दर्ज किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि मादक पदार्थों की अवैध खेती न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज के युवाओं और भविष्य के लिए भी घातक साबित होती है। इसी कारण पुलिस और प्रशासन इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। आने वाले दिनों में भी इस तरह के संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेंगे और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को सूचित करें। समय पर मिली सूचना से न केवल ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सकती है, बल्कि समाज को नशे जैसी गंभीर समस्या से बचाने में भी मदद मिलती है।
पलामू जिले में की गई यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में एक अहम कदम मानी जा रही है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कोशिशों से यह संदेश भी साफ गया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ प्रशासन पूरी ताकत से कार्रवाई करेगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।









