MMDR कानून को लेकर अन्नपूर्णा देवी का झारखंड सरकार पर हमला
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के सभी राज्यों और क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि माइनिंग सेक्टर झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के लिए रोजगार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों का बड़ा आधार बन सकता है।
माइनिंग सेक्टर से युवाओं को रोजगार देने का दावा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि MMDR संशोधन कानून लाने के पीछे सरकार का उद्देश्य माइनिंग सेक्टर के जरिए आम लोगों को लाभ पहुंचाना और युवाओं को राज्य में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों का बेहतर उपयोग होने से नए उद्योगों को बढ़ावा मिल सकता है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पहले अलग-अलग राज्यों में विभिन्न प्रकार के सेस और टैक्स लगाए जाते थे। उनके मुताबिक इससे कारोबारियों और उद्योगों के सामने कई तरह की परेशानियां आती थीं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसी तरह की समस्याओं को कम करने के लिए पूरे देश में एक समान व्यवस्था की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
उद्योगों और रोजगार को लेकर राज्य सरकार पर सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि नए कानून से झारखंड में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
अन्नपूर्णा देवी ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार का ध्यान राज्य के लोगों और युवाओं के हितों की बजाय अपनी चिंताओं पर अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह देखना चाहिए कि राज्य में मौजूद खनिज संसाधनों और औद्योगिक संभावनाओं का फायदा आम लोगों तक कैसे पहुंचे।
झारखंड के उद्योगों को बाहर से सामान मंगाने की जरूरत क्यों?
केंद्रीय मंत्री ने झारखंड के मौजूदा उद्योगों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग मौजूद होने के बावजूद उन्हें कई सामान बाहर से मंगाने पड़ते हैं। अन्नपूर्णा देवी के मुताबिक, कुछ मामलों में राज्य के भीतर कीमत अधिक होने के कारण उद्योगों को दूसरे स्थानों से सामान खरीदना पड़ता है।
उन्होंने इसी संदर्भ में झारखंड सरकार पर MMDR कानून का विरोध करने का आरोप लगाया। हालांकि, ये सभी दावे केंद्रीय मंत्री द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान रखे गए राजनीतिक आरोप हैं।
अवैध माइनिंग पर रोक और लालफीताशाही कम करने का दावा
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि नए कानून से अवैध माइनिंग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और प्रशासनिक प्रक्रिया में मौजूद लालफीताशाही को कम किया जा सकेगा। उन्होंने दावा किया कि कानून का विरोध इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इससे अवैध खनन और अनियमितताओं पर रोक लगाने की व्यवस्था मजबूत होगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि MMDR संशोधन कानून का असर आने वाले समय में झारखंड के विकास, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में दिखाई दे सकता है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा का सही तरीके से उपयोग कर राज्य के लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जाना चाहिए।
2047 के विकसित भारत के लक्ष्य का किया जिक्र
अन्नपूर्णा देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य की भूमिका इस लक्ष्य में महत्वपूर्ण हो सकती है।
प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री ने MMDR संशोधन कानून को लेकर केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए झारखंड सरकार के विरोध पर सवाल उठाए और कहा कि आने वाले समय में इस कानून से राज्य को लाभ मिलने की उम्मीद है।









