राँची:- मीडिया जगत से जुड़े लोगों के स्वास्थ्य और उनके परिवारों के बेहतर चिकित्सा लाभ को ध्यान में रखते हुए अन्वेषणा मेडिकल एजुकेशन और मणिपाल हॉस्पिटल की संयुक्त पहल पर होटल बीएनआर चाणक्य, रांची में ‘मीडिया प्रिविलेज कार्ड’ का भव्य अनावरण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर रोबोटिक सर्जन डॉ. अभय कुमार और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. धनंजय कुमार ने मीडिया प्रतिनिधियों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, स्वास्थ्य जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।

डॉ. अभय कुमार ने कहा कि मीडिया क्षेत्र से जुड़े लोगों को केवल बीमारियों और उपचार की जानकारी ही नहीं, बल्कि चिकित्सा विज्ञान में तेजी से विकसित हो रही नई तकनीकों और शोधों की भी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज और चिकित्सा जगत के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है, जिससे आम लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी पहुंचाई जा सकती है।
वहीं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. धनंजय कुमार ने कहा कि मीडिया कर्मियों का स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना बेहद आवश्यक है, क्योंकि वे समाज को जागरूक बनाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में भारत में हृदय रोग मृत्यु का प्रमुख कारण बन चुका है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित जीवनशैली और स्वस्थ आदतों को अपनाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘मीडिया प्रिविलेज कार्ड’ का लॉन्च रहा। इस विशेष कार्ड के माध्यम से देशभर में मणिपाल हॉस्पिटल के सभी केंद्रों पर मीडिया कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं पर 25 प्रतिशत तक का विशेष लाभ प्रदान किया जाएगा।

इसके साथ ही यह भी घोषणा की गई कि मीडिया क्षेत्र से जुड़े परिवारों के ऐसे छात्र, जो मेडिकल शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें करियर विकास और पेशेवर मार्गदर्शन के लिए मणिपाल हॉस्पिटल तथा अन्वेषणा मेडिकल एजुकेशन की ओर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान कई मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा किए और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से मिले सकारात्मक परिणामों के बारे में जानकारी दी। उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों ने इस पहल को स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक सरोकार और मीडिया कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल न केवल मीडिया कर्मियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, बल्कि समाज में स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता को भी नई दिशा देगी।









