राँची
झारखंड मुस्लिम युवा मंच (JMYM) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केंद्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी के नेतृत्व में लोकभवन पहुंचकर महामहिम राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं, पीड़ित परिवारों के पुनर्वास तथा शासकीय भवनों पर उर्दू भाषा की उपेक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि लातेहार, रामगढ़, गोड्डा और सरायकेला सहित कई जिलों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पीड़ित परिवारों को आज तक समुचित न्याय और सहायता नहीं मिल पाई है। मंच ने दोषियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की मांग
झारखंड मुस्लिम युवा मंच ने मांग की कि मॉब लिंचिंग के शिकार परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए तथा अंत्योदय कार्ड और स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत तत्काल लाभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
उर्दू भाषा को उचित सम्मान देने की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर चिंता जताई कि झारखंड की द्वितीय राजभाषा होने के बावजूद कई प्रमुख शासकीय भवनों, विशेषकर लोक भवन एवं राज्यपाल सचिवालय के मुख्य द्वार पर उर्दू भाषा को स्थान नहीं दिया गया है। मंच ने मांग की कि संवैधानिक मूल्यों और भाषाई समानता के तहत सभी प्रमुख सरकारी भवनों पर उर्दू भाषा का समुचित प्रयोग सुनिश्चित किया जाए।
राज्यपाल का आश्वासन
महामहिम राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर नियमानुसार उचित संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में ये सदस्य रहे शामिल
इस अवसर पर झारखंड मुस्लिम युवा मंच के केंद्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी, शहर काजी मसूद फरीद, डॉ. दानिश इफ्तेखार एहसान सहित मंच के अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।









