छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की भाजपा की कोशिश विफल, छात्रों और पुलिस ने रखा संयम : झामुमो

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राँची:- झारखंड में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी आंदोलन के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि छात्र संगठनों और पुलिस-प्रशासन ने आंदोलन के
दौरान जिस संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दिया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में
विश्वास रखने वाले लोगों के लिए सराहनीय है।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार इस अधिकार
का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि छात्र हितों से जुड़े विषयों के समाधान के लिए सरकार लगातार संवाद और वार्ता का रास्ता अपना रही है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।

भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप

झामुमो महासचिव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को
राजनीतिक हथियार बनाने और अपने राजनीतिक हितों के लिए आंदोलन को भटकाने की कोशिश की।
उनके अनुसार, भाजपा की कोशिश थी कि छात्रों के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट जाएं और आंदोलन सरकार के साथ टकराव तथा राज्य में अशांति की दिशा में चला जाए।

हालांकि, विनोद पांडेय का कहना है कि छात्रों की समझदारी और पुलिस-प्रशासन के संयम के कारण
ऐसी कोशिश सफल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य, रोजगार और अवसरों से जुड़े
मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और इन मुद्दों का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए।

सरकार छात्रों के मुद्दों पर गंभीर : झामुमो

झामुमो ने कहा कि छात्र प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय समिति के समक्ष हुई वार्ता को सरकार
ने गंभीरता से लिया है। पार्टी के मुताबिक, छात्रों की मांगों और उनके भविष्य से जुड़े विषयों
पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ चर्चा हुई है और कई मुद्दों के समाधान की दिशा में सहमति तथा
आगे बढ़ने की संभावनाएं बनी हैं।

विनोद पांडेय ने कहा कि सरकार का मानना है कि छात्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान सड़क
पर टकराव के बजाय संवाद, विमर्श और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों के प्रति संवेदनशील है और उनके हित में आवश्यक
निर्णय लेने की दिशा में काम कर रही है।

शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश का आरोप

झामुमो महासचिव ने यह भी दावा किया कि कुछ छात्र प्रतिनिधियों ने आशंका जताई है कि कुछ
असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक स्वरूप देने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा
कि सरकार ऐसे तत्वों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक आंदोलन के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, लेकिन किसी
व्यक्ति या समूह को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। झामुमो ने पुलिस और
प्रशासन के संयमित रवैये की सराहना करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की
प्राथमिक जिम्मेदारी है।

भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करने का आरोप

विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक मंशा से छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को
हाईजैक करने की कोशिश की। उनके मुताबिक, उच्चस्तरीय समिति के समक्ष हुई बातचीत से यह स्पष्ट
हुआ कि छात्रों की मुख्य चिंता उनके भविष्य, रोजगार और अवसरों को लेकर है।

झामुमो का कहना है कि सरकार इन जायज चिंताओं का समाधान संवाद के माध्यम से करना चाहती है।
लेकिन पार्टी के अनुसार, भाजपा ने इन मुद्दों को राजनीतिक टकराव में बदलने का प्रयास किया।
झामुमो ने दावा किया कि आंदोलन को राजनीतिक दिशा देकर राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश
की गई, जिसे छात्रों और प्रशासन के संयम के कारण सफलता नहीं मिली।

झारखंड बंद के आह्वान पर भी झामुमो का निशाना

झामुमो ने कहा कि आंदोलन को लेकर राजनीतिक उद्देश्य पूरा नहीं होने के बाद भाजपा की ओर से
मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। पार्टी ने बंद और टकराव की राजनीति पर सवाल
उठाते हुए कहा कि इससे छात्रों की मूल समस्याओं का समाधान नहीं होने वाला है।

झामुमो महासचिव ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक टकराव के बजाय
समाधान की दिशा में काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ संवाद
जारी रखने के लिए तैयार है।

सरकार छात्रों के साथ, लेकिन हिंसा पर सख्ती का संदेश

झामुमो ने कहा कि छात्र अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर सकते हैं।
सरकार उनकी बात सुनेगी और जायज मांगों के समाधान की दिशा में हर संभव कदम उठाएगी।
पार्टी ने कहा कि छात्रों की ओर से भी लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शन और संविधान के दायरे में
आंदोलन की बात कही गई है।

हालांकि, झामुमो ने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में यदि कोई असामाजिक
या राजनीतिक तत्व हिंसा, तोड़फोड़ अथवा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसके
खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार
सभी को है, लेकिन अराजकता फैलाने का अधिकार किसी को नहीं है।

छात्रों से राजनीतिक उकसावे से बचने की अपील

झामुमो ने छात्र संगठनों और आंदोलनरत युवाओं से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक उकसावे में
न आएं और अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखें। पार्टी ने छात्रों से सरकार के साथ संवाद की
प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपील की है।

झामुमो के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार छात्रों की समस्याओं और
युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है। पार्टी ने कहा कि सरकार संवाद के माध्यम से समाधान की
दिशा में आगे बढ़ना चाहती है और छात्रों के जायज हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

नोट: इस खबर में भाजपा और छात्र आंदोलन से संबंधित आरोप एवं राजनीतिक
दावे झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय द्वारा जारी बयान के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं।
संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

Ranchi Club Tv
Author: Ranchi Club Tv

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