कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि भारत का संविधान केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों और कर्तव्यों का मजबूत आधार है। कार्यक्रम में अनुशासन और समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिससे समारोह प्रेरणादायक एवं प्रभावशाली बन गया।
प्रधानाचार्य मेहुल दुबे का संदेश
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मेहुल दुबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि:
“गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान में निहित मूल्यों को अपनाने और देश के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और राष्ट्रप्रेमी नागरिक के रूप में तैयार करना है।”
प्रधानाचार्य ने आगे कहा कि डीएवी सरला स्कूल, टुपुदाना एक मजबूत और उज्ज्वल भारत के निर्माण के लिए जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और राष्ट्रप्रेमी बच्चों के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
शिक्षिकाओं की विशेष उपस्थिति
समारोह को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाएं आरती मिन्ज, मेघा बखला एवं महिमा सिंह की विशेष उपस्थिति रही। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से कार्यक्रम और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावशाली बना।
राष्ट्रप्रेम और अनुशासन का संदेश
विद्यालय प्रबंधन की ओर से यह भी संदेश दिया गया कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व विद्यार्थियों को देश के प्रति समर्पण और संविधान के मूल्यों को समझने का अवसर देते हैं। समारोह के माध्यम से यह प्रेरणा दी गई कि हर विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ समाज और देश के लिए जिम्मेदार भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़े।











