राँची:
राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद की राज्य अध्यक्ष डॉ. मेघा ने आज अपने संगठन के सदस्यों के साथ उन बच्चों (अंश और अंशिका) के परिजनों से मुलाकात की, जो 12 दिनों बाद आज ही सकुशल अपने घर लौटे हैं। मासूम भाई-बहन की सुरक्षित वापसी पर परिषद की पूरी टीम ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए परिवार को बधाई दी और उनके साथ संवेदनाएं साझा कीं।
इस विशेष अवसर पर राज्य अध्यक्ष डॉ. मेघा के साथ परिषद के राज्य उपाध्यक्ष विकास पांडेय, राज्य मीडिया प्रभारी शशि कुमार सहित संगठन के अन्य प्रमुख सदस्य भी उपस्थित रहे। टीम ने परिजनों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या या आवश्यकता होने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद हर संभव सहायता के लिए सदैव उनके साथ खड़ी रहेगी।
मानव तस्करी पर जताई गंभीर चिंता
मुलाकात के दौरान डॉ. मेघा ने बढ़ते मानव तस्करी (Human Trafficking) के खतरों पर गहरा दुख और चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता और इस प्रकार के अपराधों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
“अंश और अंशिका का सुरक्षित मिलना हमारे लिए बहुत संतोषजनक है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इस तरह के घिनौने कृत्य में लिप्त मानव तस्करों को अविलंब पकड़कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
हमारी परिषद प्रशासन को ऐसे अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में हर प्रकार का सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
परिषद की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि बच्चों की सुरक्षा और मानवाधिकारों की रक्षा को लेकर समाज में जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। यह मुलाकात न केवल पीड़ित परिवार को मानसिक संबल देती है, बल्कि समाज के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि बच्चों के अधिकार और सुरक्षा सर्वोपरि हैं।










