झारखंड पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक दर्ज करते हुए भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेतृत्व पर निर्णायक प्रहार किया है। पुलिस मुख्यालय, रांची में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बताया गया कि संयुक्त सुरक्षा बलों द्वारा संचालित ऑपरेशन “दौरा पहाड़” के तहत भाकपा (माओवादी) के एकमात्र सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य एवं कुल 2 करोड़ 20 लाख रुपये के इनामी मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह कार्रवाई धनबाद जिले के बरवड्डा थाना क्षेत्र के जंगलों में झारखंड पुलिस, धनबाद एवं गिरिडीह जिला पुलिस तथा 209 कोबरा बटालियन के संयुक्त अभियान के दौरान 28 जुलाई 2026 को की गई। पुलिस के अनुसार यह गिरफ्तारी झारखंड में उग्रवाद विरोधी अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
गिरफ्तार किए गए अन्य माओवादी नेताओं में संगठन का शीर्ष कमांडर 15 लाख रुपये का इनामी मेहनत उर्फ मोछु उर्फ विभीषण (RCM), गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ (ACM) तथा उनके दो अन्य सहयोगी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी की गिरफ्तारी से माओवादी संगठन के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
संयुक्त सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार नक्सलियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है। बरामद सामग्री में तीन AK-47 रायफल, आठ मैगजीन तथा 288 जिंदा गोलियां शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का उपयोग बड़े हमलों की योजना में किया जा सकता था।
पुलिस मुख्यालय ने यह भी जानकारी दी कि झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का असर लगातार देखने को मिल रहा है। इससे पहले 21 मई 2026 को 27 नक्सली कमांडरों और दस्ता सदस्यों ने 18 हथियार एवं 2,987 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद 13 जुलाई को 20 लाख के इनामी रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी, 17 जुलाई को 25 लाख के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरफ्तारी तथा माओवादी कमांडर बबिता उर्फ अनिता किरकू के आत्मसमर्पण जैसी महत्वपूर्ण सफलताएं भी सुरक्षा बलों को मिलीं।
इसके अलावा 28 जुलाई 2026 को ही पुलिस मुख्यालय में 16 और माओवादी कमांडरों एवं दस्ता सदस्यों ने 11 हथियार तथा 1,562 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया। पुलिस का कहना है कि लगातार आत्मसमर्पण और गिरफ्तारियों के कारण माओवादी संगठन का ढांचा तेजी से कमजोर हुआ है।
झारखंड पुलिस ने दावा किया है कि राज्य में माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व की गिरफ्तारी के बाद भाकपा (माओवादी) का प्रभाव लगभग समाप्ति की ओर है। पुलिस ने शेष सक्रिय माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है।
महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में चलाए जा रहे संयुक्त अभियानों को आगे भी जारी रखने की बात कही गई है। पुलिस का कहना है कि राज्य में शांति, सुरक्षा और विकास को सुनिश्चित करने के लिए उग्रवाद के विरुद्ध अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा।









