रांची:
अंश-अंशिका की सकुशल घर वापसी पर ‘अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति’ के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने खुशी जताते हुए पुलिस-प्रशासन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मामले में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सभी अधिकारियों/कर्मियों को बधाई एवं धन्यवाद दिया
प्रशासन की मेहनत को बताया “साख और विश्वसनीयता की जीत”
कैलाश यादव ने कहा कि अंश-अंशिका की सकुशल वापसी शासन-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। लगातार दबाव और राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच
भी प्रशासन की दिन-रात की मेहनत सफल रही और परिणाम के तौर पर बच्चों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सकी।
मुख्यमंत्री, डीजीपी और पुलिस अधिकारियों को साधुवाद
समिति संयोजक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विशेष बधाई देते हुए कहा कि बच्चों और परिजनों को संबल देने तथा जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आधिकारिक स्तर पर निर्देश दिए गए। उन्होंने झारखंड की डीजीपी, रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP),
सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी, हटिया डीएसपी सहित सभी डीएसपी, इंस्पेक्टर और तकनीकी सेल के सदस्यों को उनकी कर्मठता और चौकस कार्रवाई के लिए साधुवाद दिया।
“मकर संक्रांति के दिन वापसी—ईश्वर का न्याय”
कैलाश यादव ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन अंश-अंशिका की सकुशल वापसी को वे भगवान जगन्नाथ स्वामी का न्याय मानते हैं।
समिति की ओर से प्रशासन को इस उपलब्धि के लिए विशेष बधाई दी गई है।
अपहरणकर्ता गिरोह के खुलासे और कठोर कार्रवाई की मांग
समिति ने प्रशासन से आग्रह किया कि अपहरणकर्ता/गिरोह का खुलासा किया जाए और कड़ी कार्रवाई कर एक बड़ी मिसाल पेश की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।
समर्थन देने वालों को धन्यवाद
संघर्ष समिति ने इस मुहिम में साथ देने वाले सभी समाजसेवियों और समर्थकों को बधाई व धन्यवाद दिया। साथ ही समिति से जुड़े कई पदाधिकारियों/सदस्यों ने भी बच्चों की सुरक्षित वापसी पर प्रसन्नता जताई










