राँची।
मौसीबाड़ी मलारकोचा निवासी सुनील यादव के दो मासूम बच्चे — 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका — के अपहरण का मामला अब केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज की पीड़ा और प्रशासन की जिम्मेदारी बन चुका है। बच्चों की सकुशल वापसी की मांग को लेकर धुर्वा शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर विशाल और भावनात्मक धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में पुरुष, महिलाएं और युवा शामिल हुए।
धरना कार्यक्रम पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने की। मंच से उठी हर आवाज़ में प्रशासन से एक ही सवाल था — आखिर दो मासूम बच्चों को कब सुरक्षित वापस लाया जाएगा?
धरना स्थल पर पहुंचे SSP, बोले – जल्द मिलेगी सकारात्मक खबर
धरना स्थल पर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन, ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर, हटिया डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा, खेलाड़ी डीएसपी आर.एन. चौधरी, जगन्नाथपुर थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
एसएसपी राकेश रंजन ने धरना स्थल पर पहुंचकर जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले को लेकर 4 IPS, 6 DSP और 12 थाना प्रभारियों की विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी तत्परता से काम कर रही है और जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।
कैलाश यादव का सवाल: पहले सतर्कता होती तो हालात अलग होते
राजद नेता कैलाश यादव ने एसएसपी से कहा कि उन्हें पुलिस की बातों पर भरोसा है, लेकिन यह भी सच्चाई है कि प्रशासनिक लापरवाही हुई है। उन्होंने कहा कि अगर चार दिन पहले ही प्रशासन की सक्रियता दिखती तो शायद आज यह धरना देने की नौबत नहीं आती।
DGP से मुख्यालय में 25 मिनट की अहम वार्ता
धरना समाप्ति के बाद कैलाश यादव, अपहृत बच्चों के पिता सुनील यादव और प्रतिनिधिमंडल ने धुर्वा स्थित पुलिस मुख्यालय में राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा से मुलाकात की। करीब 25 मिनट तक चली वार्ता के दौरान DGP ने कहा कि वे इस पूरे मामले की स्वयं मॉनिटरिंग कर रही हैं।
DGP तदाशा मिश्रा ने बताया कि बच्चों की सकुशल वापसी के लिए तीन राज्यों — बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में पुलिस की विशेष टीमें भेजी गई हैं। इसके साथ ही रांची के सीनियर एसपी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम दिन-रात जांच में जुटी हुई है।
“आप रांची के अपराध नेटवर्क को जानती हैं” – कैलाश यादव
वार्ता के दौरान कैलाश यादव ने DGP से कहा कि वे एकीकृत बिहार के समय रांची की सिटी एसपी रह चुकी हैं और यहां के अपराध नेटवर्क को भली-भांति जानती हैं, इसलिए जनता को उनसे विशेष उम्मीद है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनाक्रोश कम नहीं हुआ है और आगामी रणनीति जारी रहेगी।
अब मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी
कैलाश यादव ने बताया कि धरना और DGP से मुलाकात आंदोलन की रणनीति का हिस्सा है। जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर बच्चों की सुरक्षित वापसी को लेकर सीधी बातचीत की जाएगी। जनसमूह ने 24 घंटे इंतजार करने की बात कही है।
धरना में उमड़ा जनसैलाब
धरना कार्यक्रम में मधु मंसूरी, सुनील यादव, गौरीशंकर यादव, मिंटू पासवान, नंदन यादव, बबन यादव, रंजन यादव, उत्तम यादव, परमेश्वर सिंह, उमेश यादव, रामकुमार यादव, सागर कुमार, सतीश महतो, राहुल यादव, बनारस यादव, चंदा देवी, रामजी यादव, शंकर राय, मनीष राय सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
धरना स्थल पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में एक ही दुआ थी — अंश और अंशिका जल्द अपने घर सुरक्षित लौटें।









