जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती व्यवस्था सुधार को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज, 24 अगस्त से शुरू होगी सुधार यात्रा

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राँची:- जेपीएससी-जेएसएससी में कथित अनियमितता, पेपर लीक, धांधली और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब अगले चरण में प्रवेश करने जा रहा है। शुक्रवार, 21 अगस्त को रांची प्रेस क्लब में जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान से जुड़े छात्र नेताओं ने सामूहिक प्रेस वार्ता कर आंदोलन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

प्रेस वार्ता में आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के अलावा राजेश सर, चंदन रजक, रवि, अयूब अली, विमल महतो, राजेश्वर, विमल कुमार, कमलेश, अंकित और प्रेम कुमार सहित अन्य छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे।

भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि झारखंड में पिछले 26 वर्षों से भर्ती व्यवस्था को लेकर युवा कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने अनियमितता, अपारदर्शिता, कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और पैरवी के माध्यम से नौकरी मिलने जैसी शिकायतों का उल्लेख करते हुए भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग की।

उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन अब व्यापक स्वरूप ले चुका है। उनके अनुसार संघर्ष की शुरुआत 2 जुलाई से, आंदोलन 5 जुलाई से, सत्याग्रह 25 जुलाई से और भूख हड़ताल 2 अगस्त 2026 से शुरू की गई थी।

देवेंद्रनाथ महतो ने दावा किया कि आंदोलन को राज्यभर के छात्रों का व्यापक समर्थन मिला और आंदोलन के दबाव के बाद सरकार की ओर से 45 विवादित परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई की गई। उनके अनुसार इनमें 22 परीक्षाएं रद्द, 17 परीक्षाओं पर जांच और 6 परीक्षाएं स्थगित की गईं। इसके बाद आंदोलन को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया।

हाईकोर्ट की कार्रवाई को लेकर जताई चिंता

छात्र नेताओं ने कहा कि मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद सरकार द्वारा अपना पक्ष मजबूती से रखे जाने को लेकर छात्रों के बीच चिंता बनी हुई है। देवेंद्रनाथ महतो ने आरोप लगाया कि सीआईडी जांच की रिपोर्ट और संबंधित परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से जुड़े तथ्यों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी तरीके से प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण 11वीं से 13वीं जेपीएससी, फूड सेफ्टी ऑफिसर, सीडीपीओ और जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं के रद्दीकरण को लेकर हाईकोर्ट की कार्रवाई से छात्रों की चिंता बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि छात्रों का उद्देश्य किसी योग्य या निर्दोष अभ्यर्थी को नुकसान पहुंचाना नहीं है। आंदोलन का मकसद भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल सके।

अन्य छात्र प्रतिनिधियों ने भी रखी बात

सामूहिक प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य छात्र प्रतिनिधियों ने भी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने लंबित जांच की स्थिति स्पष्ट करने तथा छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार से गंभीरता के साथ कार्रवाई करने की अपील की।

छात्र नेताओं ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता का सीधा असर हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ता है। इसलिए परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना जरूरी है।

24 अगस्त से “भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा”

आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए देवेंद्रनाथ महतो ने बताया कि 24 अगस्त 2026 से “भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा” शुरू की जाएगी। यात्रा का शुभारंभ रामगढ़ जिले के नेमरा गांव से किया जाएगा, जिसे उन्होंने दिशुम गुरु शिबू सोरेन का पैतृक गांव बताया।

छात्र नेताओं के अनुसार यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों के प्रमुख स्थानों तक जाएगी। इस दौरान शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों, विश्वविद्यालयों और छात्र समुदाय के बीच जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

यात्रा के माध्यम से छात्रों को भर्ती व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की जरूरत के बारे में जागरूक किया जाएगा। अभियान को संचालित करने के लिए मार्गदर्शक टीम, मैनेजमेंट टीम, प्लानिंग टीम और सोशल मीडिया हैंडलिंग टीम का गठन किए जाने की भी जानकारी दी गई।

15 सितंबर की सुनवाई पर नजर

देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि 15 सितंबर 2026 को होने वाली न्यायालय की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार सीआईडी जांच रिपोर्ट और संबंधित परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों से जुड़े तथ्यों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से रखेगी और अपने फैसले के पक्ष को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करेगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ अन्याय जारी रहा तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को गांव और प्रखंड स्तर तक ले जाने की तैयारी की जाएगी।

आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी

छात्र नेताओं ने कहा कि भविष्य में मुख्यमंत्री आवास घेराव, अनिश्चितकालीन झारखंड बंद और आर्थिक नाकेबंदी जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की घोषणा भी की जा सकती है। हालांकि उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही।

देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि यह लड़ाई झारखंडी छात्रों के अधिकारों से जुड़ी है और किसी भी परिस्थिति में अपने हक से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर झारखंड की खनिज संपदा को राज्य से बाहर ले जाने से जुड़े मुद्दे को भी आंदोलन के साथ जोड़ा जा सकता है।

अंत में छात्र नेताओं ने झारखंड के छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए चलाए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन में सहयोग और एकजुटता की अपील की।

नोट: उपरोक्त खबर में आंदोलनकारी छात्र नेताओं द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोप और बताए गए दावे शामिल हैं। संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

Ranchi Club Tv
Author: Ranchi Club Tv

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