राँची:- प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी एवं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से छात्रों के हित में केवल बयान देने के बजाय जमीन पर उतरकर आंदोलन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में छात्रों के साथ खड़ी है तो उसे कम से कम 24 घंटे का अनशन, धरना या शांतिपूर्ण आंदोलन कर अपनी प्रतिबद्धता साबित करनी चाहिए।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि सिर्फ बयानबाजी से छात्रों का भला नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रही है, जबकि छात्रों की समस्याओं का समाधान ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पास न तो पहले जैसा मजबूत संगठन बचा है, न जनाधार और न ही छात्रों के बीच उसका प्रभाव रह गया है। उनके अनुसार छात्र हितों के मुद्दे पर भाजपा केवल राजनीतिक बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी हमेशा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और उनके आंदोलनों का समर्थन करते रहे हैं तथा कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता छात्रों की आवाज बनने के लिए तैयार है।
आलोक कुमार दूबे ने अपने छात्र जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि वह स्वयं छात्र राजनीति से निकले हैं। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों के दौरान उन पर 31 मुकदमे दर्ज हुए, लाठीचार्ज झेलना पड़ा और कई बार जेल भी जाना पड़ा। इसी कारण वे छात्रों की पीड़ा, संघर्ष और उनकी भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं।
उन्होंने राज्य सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्रों के आंदोलन को सहानुभूतिपूर्वक देखा जाना चाहिए तथा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रशासन ने छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय या ज्यादती न हो।
इस दौरान आलोक कुमार दूबे ने जेएसएससी के सचिव सुधीर गुप्ता को लेकर सोशल मीडिया पर दिए गए अपने पुराने बयान को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि वह आज भी अपने आरोपों पर कायम हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में सुधीर गुप्ता दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने भाजपा से भी अपील की कि यदि वह वास्तव में छात्रों के हितैषी होने का दावा करती है तो केवल प्रेस बयान जारी करने के बजाय सड़क पर उतरकर छात्रों के संघर्ष में भागीदारी निभाए।









