राँची:- भविष्य की डिजिटल तकनीकों और नवाचारों को ध्यान में रखते हुए YBN यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी फैकल्टी (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग) द्वारा “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं मशीन लर्निंग (ML)” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तेजी से विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों, उनके व्यावहारिक उपयोग तथा भविष्य में उपलब्ध करियर अवसरों के प्रति जागरूक करना था।
सेमिनार के मुख्य वक्ता BIT मेसरा, रांची के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. त्रिपाठी रहे। उन्होंने अपने विस्तृत व्याख्यान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन, डेटा साइंस और भविष्य की डिजिटल तकनीकों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में AI और ML केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कृषि, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं सहित लगभग हर क्षेत्र में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखने, रिसर्च और इनोवेशन की दिशा में कार्य करने तथा इंडस्ट्री की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। सेमिनार के दौरान छात्रों ने भी विशेषज्ञ से विभिन्न तकनीकी विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विस्तार से उत्तर दिया गया।
इस कार्यक्रम में इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस तथा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग के विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेमिनार ने छात्रों को AI एवं Machine Learning के वर्तमान और भविष्य के अनुप्रयोगों को समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम में YBN यूनिवर्सिटी के चेयरमैन रामजी यादव, चेयरपर्सन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अंकिता यादव, वाइस-चांसलर सत्यदेव पोद्दार, रजिस्ट्रार डॉ. दीप्ति भार्गव, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, स्टाफ सदस्य तथा अन्य विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष इंजीनियर कुमारी विनीता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए मुख्य वक्ता, अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के तकनीकी सेमिनार विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उनके व्यावसायिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भविष्य में भी आधुनिक तकनीकों और उद्योग आधारित विषयों पर ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की, ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।








