राँची:- धुर्वा स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, रोहित उरांव, विनय सिंह, मेंहुल दूबे सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। नेताओं ने झारखंड राज्य की खुशहाली, समृद्धि, शांति एवं निरंतर विकास के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर जगन्नाथपुर न्यास समिति के उपाध्यक्ष ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव एवं गोपाल उपाध्याय ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी देते हुए आगामी रथयात्रा की तैयारियों पर भी चर्चा की।
डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में भाईचारे और एकता का संदेश देता है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से झारखंड के निरंतर विकास और नागरिकों की सुख-समृद्धि की कामना की।

उन्होंने रथयात्रा की तैयारियों के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन को बधाई देते हुए कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष भी रथयात्रा का आयोजन भव्य, शांतिपूर्ण और सफल रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भगवान जगन्नाथ में करोड़ों लोगों की अटूट आस्था है और रथयात्रा पूरे राज्य में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई जाती है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से राज्य की उन्नति और जनकल्याण की प्रार्थना की। साथ ही झारखंड सरकार से जगन्नाथपुर रथयात्रा मेले को राजकीय मेला घोषित करने की मांग भी की।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह समाज को सेवा, समर्पण तथा एकता का संदेश देती है।
रांची महानगर काली पूजा समिति के अध्यक्ष विनय सिंह ने कहा कि रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक भी है। वहीं मेंहुल दूबे ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा से राज्य की सुख-समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की।

पूजा-अर्चना के बाद कांग्रेस नेताओं ने मंदिर परिसर में रथयात्रा की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कारीगरों द्वारा पारंपरिक शैली में तैयार किए जा रहे भव्य रथ का अवलोकन किया और उनके कार्यों की सराहना की।
जानकारी के अनुसार, आगामी 15 जुलाई को भगवान जगन्नाथ का नेत्रदान अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा, जबकि 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की पावन रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली जाएगी।









