राँची:- पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची के न्यूरो सर्जरी विभाग ने एक 26 वर्षीय युवक के जटिल ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मरीज के मस्तिष्क के केंद्र में ट्यूमर होने के कारण उसे चलने-फिरने में परेशानी, याददाश्त में कमी तथा समन्वय संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
पारस एचईसी हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट न्यूरो सर्जरी डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि मरीज का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। ट्यूमर मस्तिष्क के अत्यंत गहरे हिस्से में स्थित था, जिसके कारण सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण थी। उपचार के दौरान ट्यूमर का डिकंप्रेशन किया गया तथा वीपी शंट जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं भी संपन्न की गईं।
उन्होंने बताया कि ट्यूमर की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसी अस्पताल में मरीज का समग्र कैंसर उपचार भी शुरू कर दिया गया। वर्तमान में मरीज की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर है। वह सामान्य रूप से चल-फिर पा रहा है तथा उसकी याददाश्त में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि पारस एचईसी हॉस्पिटल में ब्रेन ट्यूमर और कैंसर के इलाज की सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। अस्पताल में अत्याधुनिक रेडिएशन मशीन, आधुनिक माइक्रोस्कोप, उन्नत क्रिटिकल केयर सुविधाएं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मौजूद है, जो जटिल मामलों का भी सफलतापूर्वक उपचार कर रही है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार सिरदर्द, विशेषकर सुबह के समय सिरदर्द, उल्टी, चलने में कठिनाई, बोलने में परेशानी, व्यवहार में अचानक बदलाव, याददाश्त कमजोर होना, देखने या सुनने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
डॉ. कुमार ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उसकी स्थिति और प्रकार पर निर्भर करते हैं। कुछ ट्यूमर सौम्य (बेनाइन) होते हैं, जबकि कुछ कैंसरयुक्त हो सकते हैं। कई मामलों में शरीर के अन्य अंगों का कैंसर भी मस्तिष्क तक पहुंच सकता है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन ट्यूमर बढ़ने के साथ मरीज की समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं।
पारस एचईसी हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब मरीजों को बड़े महानगरों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। अस्पताल में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों और समर्पित मेडिकल टीम की सहायता से जटिल से जटिल मामलों का सफल उपचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य झारखंड और आसपास के राज्यों के मरीजों को उनके अपने क्षेत्र में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि बेहतर इलाज के लिए उन्हें दूर-दराज के शहरों का रुख न करना पड़े।









