राँची:- सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में श्रद्धेय श्री पृथ्वी चंद्र मंडल के निधन पर शोक सभा एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व, सेवा-भाव और संस्था के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धापूर्वक नमन किया।
श्रद्धेय श्री पृथ्वी चंद्र मंडल केशव नगर के वरिष्ठ स्वयंसेवक तथा शिशु विकास मंदिर समिति के सदस्य थे। वे विद्यालय के प्रारंभिक काल से ही संस्था से जुड़े रहे। विद्यालय के विकास एवं विस्तार में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था से लंबे समय तक जुड़े रहते हुए उन्होंने अपने कार्यों और सेवा-भाव के माध्यम से विद्यालय को निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
श्रद्धांजलि सभा में विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र देव गोस्वामी, समिति के संस्थापक सदस्य श्री अखिलेश्वर नाथ मिश्र, श्री आशीष नाथ शाहदेव, श्री अशोक कुमार शाहदेव, श्री अमित नंदन सहित श्रद्धेय श्री पृथ्वी चंद्र मंडल के सुपुत्र एवं दामाद उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री ललन कुमार, उप प्राचार्य सुश्री मीना कुमारी तथा विद्यालय के सभी आचार्य बंधु-भगिनी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत श्री पृथ्वी चंद्र मंडल के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर समिति के संस्थापक सदस्य श्री अखिलेश्वर नाथ मिश्र ने श्रद्धेय श्री पृथ्वी चंद्र मंडल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया। उन्होंने उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि श्री मंडल अत्यंत कर्मठ, समर्पित एवं सक्रिय स्वयंसेवक थे। विद्यालय को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उन्होंने कहा कि श्री पृथ्वी चंद्र मंडल ने अपने कार्यों और सेवा-भाव से संस्था को लगातार सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया। विद्यालय के प्रारंभिक दौर से संस्था के साथ जुड़े रहने के कारण विद्यालय के विकास की यात्रा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इसके बाद उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों ने श्री पृथ्वी चंद्र मंडल के सेवा, समर्पण और संस्था के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।









